संतोष कुमार/न्यूज़11 भारत
सरायकेला/डेस्क: इन दिनों सरायकेला जिला में तिरुलडीह थाना क्षेत्र अवैध बालू कारोबार को लेकर फिर से चर्चा का विषय बना हुआ है. तिरुलडीह में इन दिनों धड़ल्ले से अवैध बालू का कारोबार हो रहा है. बीते दिनों ही सरायकेला जिला खनन पदाधिकारी द्वारा छापेमारी करते हुए तिरुलडीह थाना क्षेत्र के सिरकाडीह मौजा में स्वर्णरेखा नदी किनारे अवैध रूप से भंडारण किये हुए बालू को जब्त किया था लेकिन बालू माफियाओं के मन इतना बढ़ा हुआ है कि कार्रवाई के एक दिन बाद से ही बालू अवेध खेल चालू हो गया.
तिरुलडीह स्वर्णरेखा नदी अवैध घाट से रोजाना दर्जनों हाइवा अवैध बालू लेकर तिरुलडीह शहीद चौक से कुकडु होते हुए सिरूम चौक से सीधे बंगाल की और जाते है. बालू के इस काले कारनामे में कई लोग शामिल है जो ग्रुप बनाकर सिंडिकेट को संभालते है. रोजाना शाम 7 बजे से बंगाल का हाइवा का आना शुरू हो जाता है, जो रात बालू चोरी करते हुए बंगाल ले जाते है. सूत्रों का माने तो तिरुलडीह से रोजाना एक सौ ट्रिप अवैध बालू बिना किसी प्रकार के बैध कागजात के बिना किसी रोक टोक से बिना किसी के डर से झारखंड से बंगाल ले जाते है. कई बार खनन विभाग द्वारा रात को छापेमारी की जाती है लेकिन बालू माफियाओं के सूचनातंत्र इतना मजबूत है कि अधिकारियों के आने से पहले ही सब भाग खड़े होते है और अधिकारियों के जाते ही फिर से अवैध परिवहन में जुट जाते है.
कई बार तो एक ही दिन दर्जन भर बालू लादे हाइवा बदकिस्मती से पकड़ा जाते है. बीते ही कुछ दिन पहले ईचागढ़ थाना क्षेत्र में जे एल के एम नेता तरुण महतो वाला घटना हुई है. मगर घटना शांत भी नही हुआ है कि फिर से बालू माफियाओं के मनोबल बढ़ गया है और बिना किसी भय डर के खुलेआम अवैध बालू के कारोबार को अंजाम दे रहे है. रोजाना सैकड़ो हाइवा बालू चोरी होने से सरकार को भारी राजस्व को हानि हो रही है. बालू के इस अवैध कारोबार में किसका संरक्षण है ये जांच का विषय है. बालू का अवैध खनन, भंडारण व परिवहन बंद होगा या नही ये शवाल बन कर रह गया है.
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