अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश कुमार यादव ने राम साहू विद्यालय के समीप स्थित अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास एवं अनुसूचित जाति बालक छात्रावास का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने छात्रावास में रह रहे छात्रों से सीधे संवाद की और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को सुना. छात्रों द्वारा छात्रावास की व्यवस्था से संबंधित विभिन्न जानकारियाँ साझा की गईं, वहीं वार्डन से भी संपूर्ण व्यवस्था और दाखिले की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी ली गई.निरीक्षण के उपरांत उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि छात्रावासों में छात्रों का दाखिला पूरी तरह नियमावली के अनुसार ही किया जाए और विभागीय मार्गदर्शन का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से जो भी सुविधाएँ छात्रों को उपलब्ध कराई जानी हैं, उन्हें किसी प्रकार की कमी के बिना मुहैया कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को शैक्षणिक वातावरण के साथ-साथ आवश्यक सहूलियतें भी मिल सकें. निरीक्षण के क्रम में छात्रावास प्रांगण में निर्मित जल मीनार का भी जायजा लिया गया. यह जानकारी मिली कि स्थापना के बाद से ही यह जल मीनार कार्यशील नहीं हो पाया है. इस पर गंभीर चिंता जताते हुए उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को तत्काल निर्देश दिया कि जल मीनार को शीघ्र कार्यशील बनाकर छात्रों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए. यह उल्लेखनीय है कि हाल ही में अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास के छात्रों ने जनता दरबार में उपस्थित होकर छात्रावास भवन की जर्जर स्थिति को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया था. इस मामले पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना के तहत पाँच करोड़ रुपये की लागत से सौ बिस्तरों वाले आधुनिक अनुसूचित जनजाति छात्रावास के निर्माण की अनुशंसा राज्य सरकार को भेजी है. यह नया छात्रावास जिले के विद्यार्थियों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगा.
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