पूर्व विधायक गौर हरिजन का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर, दामोदर नदी के बिरसा पुल ...

पूर्व विधायक गौर हरिजन का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर, दामोदर नदी के बिरसा पुल के पास हुआ अंतिम संस्कार

पूर्व विधायक गौर हरिजन का निधन क्षेत्र में शोक की लहर दामोदर नदी के बिरसा पुल के पास हुआ अंतिम संस्कार

ब्योमकेश मिश्रा/न्यूज़11 भारत

चंदनकियारी/डेस्क: चंदनकियारी: चंदनकियारी के पूर्व विधायक गौर हरिजन का निधन शुक्रवार की सुबह लगभग 10 बजे उनके कोड़िया गांव स्थित पैतृक आवास पर हो गया. उनके पुत्र राकेश कुमार ने बताया कि वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे. सुबह चाय पीने के बाद उनका शुगर लेवल अचानक गिर गया. स्थानीय चिकित्सकों द्वारा दवा देने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ और तबीयत बिगड़ने से उनका निधन हो गया. पूर्व विधायक के निधन की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.

इसी दौरान गिरिडीह के पूर्व सांसद रविंद्र पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष जयदेव राय, विनोद गोराई, विश्वजीत सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके पार्थिव शरीर पर भाजपा का झंडा ओढ़ाकर सम्मान प्रकट किया. दूसरी ओर कांग्रेस नेता देवाशीष मंडल, तूफान साहनी, जेएलकेएम नेता अर्जुन रजवार के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय वर्मा,अंचलाधिकारी रवि आनंद एवं प्रखंड प्रमुख निवारण सिंह चौधरी ने भी पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

बिरसा पुल के समीप श्मशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार

पूर्व विधायक गौर हरिजन का अंतिम संस्कार दामोदर नदी स्थित बिरसा पुल के समीप श्मशान घाट में शुक्रवार की शाम किया गया, जहां भारी संख्या में लोग मौजूद रहे.

1990 से 2000 तक रहे विधायक

कसमार प्रखंड के बागदा गांव निवासी मोती माली के पुत्र गौर हरिजन अपने तीन भाइयों के साथ बहन के ससुराल चंदनकियारी प्रखंड के कोड़िया गांव में बस गए थे. स्नातक एवं एलएलबी की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने बीसीसीएल की झरिया स्थित भगतडीह कोलियरी में महाप्रबंधक के स्टेनोग्राफर के रूप में नौकरी शुरू की.

वर्ष 1990 में बोकारो के पूर्व विधायक स्व. समरेश सिंह के प्रयास से उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और पार्टी के प्रत्याशी बने. उन्होंने कांग्रेस की पूर्व विधायक लता देवी माली को पराजित कर पहली बार चंदनकियारी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का परचम लहराया.

वर्ष 1995 में उन्होंने भाजपा का टिकट ठुकराकर स्व. समरेश सिंह के नेतृत्व वाली संपूर्ण क्रांति दल से बैलगाड़ी चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा और लाल–हरा झंडा के मैत्री प्रत्याशी स्व. हारु रजवार को पराजित कर पुनः विधायक बने. वर्ष 2000 के चुनाव में वे भाजपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे, किंतु इस बार झामुमो के हारु रजवार से पराजित हो गए.

स्व. गौर हरिजन अपने ईमानदार, स्वच्छ छवि वाले एवं स्पष्टवादी राजनीतिज्ञ के रूप में क्षेत्र में विशेष रूप से जाने जाते थे.

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