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रांची/डेस्क: खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आज विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की. लगभग दो घंटे तक चली बैठक में धान अधिप्राप्ति की तैयारियों, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य एवं समय पर भुगतान, भंडारण व्यवस्था, डीलरों के बकाया कमीशन, धान परिवहन की ऑनलाइन ट्रैकिंग, किसानों की जमीन के सत्यापन, बिचौलियों पर रोक, विभाग में पदाधिकारियों की कमी तथा आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य आपूर्ति व्यवस्था की तैयारियों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया.
बैठक में विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे. मंत्री ने विभाग की योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों, डीलरों और आम उपभोक्ताओं से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
धान की अच्छी फसल की संभावना, सरकार ने पहले से शुरू की तैयारी
बैठक में इस वर्ष झारखंड में धान की अच्छी फसल होने की संभावना को देखते हुए आगामी धान अधिप्राप्ति की तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई. मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि धान की खेती अभी पूरी तरह सामने आनी बाकी है, लेकिन सरकार ने अपना होमवर्क अभी से शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष किसानों को धान की उपज का लाभ सीधे पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे, जिससे किसानों में खुशी का माहौल बना था. इस बार भी सरकार का प्रयास रहेगा कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी एवं समयबद्ध हो.
राज्य सरकार बनाएगी 1000 मीट्रिक टन क्षमता वाले 15 नए गोदाम
समीक्षा बैठक में राज्य की भंडारण क्षमता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. वर्तमान वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार द्वारा 1000 मीट्रिक टन क्षमता वाले 15 नए गोदामों का निर्माण कराया जाएगा. मंत्री ने कहा कि धान की खरीद के साथ-साथ उसके सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था भी मजबूत होना आवश्यक है. नए गोदाम बनने से खाद्यान्न के भंडारण की क्षमता बढ़ेगी और किसानों से खरीदे गए धान के रखरखाव में सुविधा होगी.
किसानों की जमीन के सत्यापन के बाद ही होगी धान की खरीद
मंत्री ने कहा कि इस बार धान अधिप्राप्ति व्यवस्था में किसानों की जमीन का सत्यापन महत्वपूर्ण हिस्सा होगा. किसानों की जमीन का सत्यापन करने के बाद जमीन के अनुरूप ही किसानों से धान की खरीद की जाएगी. इस व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक किसानों तक सरकारी अधिप्राप्ति व्यवस्था का लाभ पहुंचाना और फर्जीवाड़े एवं बिचौलियों की भूमिका को कम करना है.
धान ढोने वाले वाहनों की होगी ट्रैकिंग
वर्तमान वित्तीय वर्ष में धान का परिवहन करने वाले वाहनों को ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा, ताकि धान की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा सके. इससे विभाग को यह जानकारी उपलब्ध रहेगी कि धान कहां से उठाया गया, किस वाहन से भेजा गया और निर्धारित स्थान तक पहुंचा या नहीं. मंत्री ने कहा कि धान की खरीद से लेकर परिवहन और भंडारण तक पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा.
19 लाख क्विंटल चावल तैयार करने का लक्ष्य
बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 19 लाख क्विंटल चावल तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि धान की खरीद, मिलिंग, परिवहन, भंडारण और चावल की उपलब्धता की पूरी प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो.
धान अधिप्राप्ति के लक्ष्य को लेकर विस्तृत चर्चा
बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष 60 लाख क्विंटल धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 50 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. मंत्री ने कहा कि इस वर्ष फसल अच्छी होने की संभावना है. वास्तविक उत्पादन और किसानों से प्राप्त होने वाले धान को देखते हुए आवश्यकता के अनुसार आगे की रणनीति तैयार की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और सरकार की व्यवस्था पहले से तैयार रहनी चाहिए.
डीलरों के एक वर्ष के बकाया कमीशन का शीघ्र होगा भुगतान
समीक्षा बैठक में राज्य के जन वितरण प्रणाली के डीलरों के बकाया कमीशन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में 25 हजार से अधिक पीडीएस डीलर खाद्य वितरण व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं. उनके माध्यम से बड़ी संख्या में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाया जाता है. उन्होंने कहा कि हमारे डीलर इस पूरे पीडीएस सिस्टम की महत्वपूर्ण कड़ी हैं. उनके भी परिवार हैं और उनकी भी जिम्मेदारियां हैं. इसलिए उनके कमीशन का समय पर भुगतान करना हमारी जिम्मेदारी है.
बैठक में बताया गया कि मंत्री के सुझाव एवं निर्देश के आलोक में डीलर कमीशन के रूप में भारत सरकार से एक वर्ष की राशि राज्य सरकार को उपलब्ध कराई गई है. अब बकाया कमीशन के भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डीलरों को भुगतान में अनावश्यक देरी न हो, ताकि वे पूरी सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ पीडीएस व्यवस्था को संचालित कर सकें.
डीलरों के भार मापक यंत्र की राशि माफ करने का प्रस्ताव
डीलरों की समस्याओं को लेकर बैठक में भार मापक यंत्र (वेट मशीन) के नवीनीकरण पर लगने वाली राशि का मुद्दा भी उठाया गया. डीलरों के भार मापक यंत्र के प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण पर लगने वाली राशि को राज्य सरकार द्वारा माफ करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिमंडल को भेजा गया है. इस पर नियमानुसार आवश्यक निर्णय लिया जाएगा. मंत्री ने कहा कि डीलरों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम करना भी सरकार की प्राथमिकता है.
बिचौलियों पर रोक के लिए मजबूत होगी ऑनलाइन व्यवस्था
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में दूसरे राज्यों से धान लाकर सरकारी खरीद व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने की संभावना को रोकना जरूरी है. उन्होंने कहा कि धान को देखकर यह पता नहीं चलता कि वह झारखंड का है, बिहार का है, बंगाल का है या उत्तर प्रदेश का. इसलिए तकनीक के माध्यम से पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाना जरूरी है.
ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से यह जानकारी उपलब्ध रहेगी:
- धान कहां से आया
- किस किसान से खरीद हुई
- किस धान अधिप्राप्ति केंद्र पर खरीद हुई
- धान का उठाव कहां से हुआ
- किस वाहन से परिवहन हुआ
- किस मिलर को भेजा गया
- और आगे उसका भंडारण एवं उपयोग कहां हुआ
मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम किसानों के लिए वरदान साबित होगा. इससे वास्तविक किसानों को सरकारी व्यवस्था का लाभ दिलाने में मदद मिलेगी और बिचौलियों एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने में सहायता मिलेगी.
केंद्र सरकार से झारखंड के किसानों के हित में विशेष सहयोग की मांग
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि धान अधिप्राप्ति और एमएसपी से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय केंद्र सरकार से संबंधित हैं. वह शीघ्र ही नई दिल्ली जाकर भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के संबंधित मंत्री एवं सचिव से मुलाकात करेंगे और झारखंड के किसानों की स्थिति तथा राज्य की आवश्यकताओं से अवगत कराएंगे. उन्होंने कहा कि झारखंड एक ऐसा राज्य है जहां बड़ी संख्या में लोग खेती पर निर्भर हैं. इसलिए केंद्र सरकार से मांग की जाएगी कि झारखंड के किसानों पर विशेष ध्यान दिया जाए, राज्य की आवश्यकता के अनुरूप धान खरीद के लिए सहयोग और आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जाए तथा किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले. उन्होंने कहा कि एमएसपी को लेकर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के स्तर से होना है. राज्य सरकार किसानों के हित में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी.
सचिव राजेश कुमार शर्मा ने कहा- मंत्री के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन होगा
इस अवसर पर विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि आज की समीक्षा बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण रही. बैठक में विभाग की योजनाओं, धान अधिप्राप्ति की तैयारियों, किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने, पीडीएस व्यवस्था को मजबूत करने तथा विभागीय स्तर पर आ रही विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का समयबद्ध तरीके से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा.
सचिव ने कहा कि राज्य के किसानों और आम लोगों को बेहतर से बेहतर लाभ मिले, इसके लिए विभाग मंत्री के मार्गदर्शन में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है. उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान विभाग की कई महत्वपूर्ण समस्याओं एवं व्यावहारिक कठिनाइयों से मंत्री को अवगत कराया गया है. इन समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य आपूर्ति एवं जन वितरण व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं और समय रहते महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे, ताकि आम लोगों और लाभुकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
विभाग में पदाधिकारियों की कमी का मुद्दा भी उठा
सचिव राजेश कुमार शर्मा ने बैठक के दौरान विभाग में पदाधिकारियों की कमी से भी मंत्री को अवगत कराया. उन्होंने बताया कि अधिकारियों की कमी के कारण कुछ विभागीय कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रभाव पड़ रहा है. मंत्री ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए.
पीडीएस व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर
मंत्री ने कहा कि खाद्य आपूर्ति विभाग सीधे तौर पर किसानों, गरीबों और आम जनता से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है. गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि पीडीएस व्यवस्था में पारदर्शिता, तकनीक और जवाबदेही को और मजबूत किया जाएगा. किसी भी स्तर पर गरीबों के राशन में अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जन वितरण प्रणाली से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान हो तथा पात्र लाभुकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए.
धान की खरीद शुरू होने से पहले सरकार का होमवर्क पूरा
बैठक के अंत में मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि धान की खेती और कटाई का समय आने से पहले ही विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. उन्होंने कहा कि “धान की खेती अभी होना बाकी है, लेकिन हमने उससे पहले अपना होमवर्क शुरू कर दिया है. हमारी तैयारी पहले से रहेगी तो किसान को बाद में परेशानी नहीं होगी. हमारा उद्देश्य है कि किसान को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना न पड़े और उसे समय पर उसका पैसा मिले.”
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में विभाग के सामने कई चुनौतियां होंगी, लेकिन सरकार और विभाग इन चुनौतियों का मजबूती, पारदर्शिता और पूरी तैयारी के साथ सामना करेगा. “किसान की मेहनत का सम्मान और उसके हक की रक्षा हमारी जिम्मेदारी है. किसान मजबूत होंगे तो झारखंड मजबूत होगा. हमारी सरकार किसानों को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है.”