प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: एकलव्य आवासीय विद्यालय मंगरा में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हॉस्टल में रहने वाले पांच छात्र कथित प्रताड़ना से परेशान होकर पीछे की बाउंड्री फांदकर विद्यालय से भाग निकले और सीधे प्रखंड कार्यालय पहुंच गए. बच्चों ने बीडीओ रेश्मा रेखा मिंज, जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर और सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी के समक्ष अपनी आपबीती सुनाते हुए मदद की गुहार लगाई.बच्चों ने प्रधानाध्यापक कमलेश कुमार पर डंडे से पिटाई करने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया. बच्चों के अनुसार मारपीट से परेशान होकर ही वे हॉस्टल से निकलकर अधिकारियों के पास पहुंचे. विद्यालय में कुल 16 शिक्षक हैं, लेकिन बच्चों ने मारपीट का आरोप केवल प्रधानाध्यापक कमलेश कुमार पर लगाया है.
मामला गरमाया तो विद्यालय पहुंचे जनप्रतिनिधि
घटना की जानकारी मिलते ही जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर, सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी और विधायक प्रतिनिधि प्रेम सिंह उर्फ पिंटू विद्यालय पहुंचे और बच्चों तथा शिक्षकों से पूरे मामले की जानकारी ली.विद्यालय के शिक्षक विवेक कुमार और प्रभात टोप्पो ने भी प्रधानाध्यापक द्वारा बच्चों के साथ मारपीट किए जाने की बात बताई. बताया गया कि विद्यालय से जुड़ा एक मामला पूर्व में ओझा-गुनी के आरोपों को लेकर भी सामने आया था.
सांसद ने भी दूरभाष पर ली जानकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने भी दूरभाष पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने बच्चों से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त की.
बीडीओ की पहल से सुरक्षित लौटे बच्चे
मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ रेश्मा रेखा मिंज की पहल पर वाहन की व्यवस्था कर पांचों बच्चों को सुरक्षित विद्यालय भेजा गया. घटना के बाद विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा और प्रधानाध्यापक के कथित व्यवहार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पांच बच्चों को हॉस्टल की बाउंड्री फांदकर विद्यालय से बाहर निकलने की नौबत क्यों आई? आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि बच्चों के साथ मारपीट हुई है तो जिम्मेदारी किसकी है? पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी.