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रांची/डेस्क: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के वर्तमान कुलपति और विज्ञान संकाय के शिक्षाविद डॉ राजीव मनोहर को उनके शोध और अकादमिक उपलब्धियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है. उन्हें विश्व के प्रतिष्ठित ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स की ओर से जारी सूची में विश्व के शीर्ष पांच प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल किया गया है. गौरतलब है कि ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स विश्व की एक शीर्ष संस्था है जो शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के अनुसंधान कार्यों का मूल्यांकन अंतर्राष्ट्रीय मंच पर करती है.
यह विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों में कार्यरत शोधकर्ताओं की उपलब्धियों, प्रकाशित शोधपत्रों, अनुसंधान प्रभाव और शैक्षणिक योगदान के आधार पर उन्हें रैंकिंग प्रदान करता है. ज्ञातव्य है कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के वर्तमान कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने तीन माह पूर्व एक कुलपति के तौर पर डीएसपीएमयू में अपने कार्यकाल की शुरुआत की है. उल्लेखनीय है कि डॉ राजीव मनोहर ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति बनने से पूर्व लखनऊ विश्वविद्यालय में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के निदेशक के तौर पर लखनऊ विश्वविद्यालय को नैक की ए प्लस रेटिंग के निर्धारण में महती भूमिका निभाई थी. तीन दशक से अधिक के अपने शैक्षणिक यात्रा में उन्होंने एक वैज्ञानिक और शिक्षाविद के रूप में संघनित पदार्थ भौतिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. विशेष रूप से लिक्विड क्रिस्टल और नैनो मैटेरियल कंपोजिट्स पर उनके शोध को वैश्विक पहचान मिली है. उनके 300 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके है.
इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान पाने के उपरांत कुलपति डॉ राजीव मनोहर का यह मानना है कि उनके लंबे और ईमानदार प्रयास को अंतर्राष्ट्रीय मंच के द्वारा सराहा गया, यह उसी का प्रतिफल है. उन्होंने कहा कि इस संस्था के माध्यम से विश्वविद्यालयों, चिकित्सा संस्थानों और शोध संगठनों से जुड़े वैज्ञानिकों के कार्यों का आकलन किया जाता है. उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठित सम्मान ने उन्हें वर्तमान विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में शोध और वैज्ञानिक कार्यों को और अधिक तत्परता से करने की प्रेरणा दी है, जो शीघ्रभी विश्वविद्यालय के पटल पर दिखेगी. यह जानकारी पीआरओ डॉ राजेश कुमार सिंह ने दी.
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