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हजारीबाग/डेस्क: झारखंड के हजारीबाग जिले से कोयला माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी और सफल कार्रवाई की खबर सामने आई है. चरही स्थित तापस सीसीएल (CCL) परियोजना क्षेत्र के इंद्रा ग्राम में सीआईएसएफ (CISF) और सीसीएल की संयुक्त टीम ने सघन छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध कोयला जब्त किया है. माफियाओं के अवैध ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए इस बार सुरक्षाबलों ने हाईटेक ड्रोन तकनीक का सहारा लिया. अवैध कोयला खनन और भंडारण पर नकेल कसने के लिए रविवार को सीआईएसएफ (NK एवं पिपरवार) और सीसीएल (चरही) की टीम ने एक बड़ा जॉइंट ऑपरेशन चलाया. कार्रवाई से पहले पूरे इलाके की ड्रोन से निगरानी की गई.
आसमान से संदिग्ध ठिकानों की सटीक पहचान और मार्किंग करने के बाद, सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक इंद्रा ग्राम और उसके आसपास के इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जिससे माफियाओं में भारी हड़कंप मच गया. कमांडेंट अमित कुमार के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में टीम ने अलग-अलग स्थानों से कुल 129.730 टन अवैध कोयला बरामद किया. जब्त किए गए इस कोयले की अनुमानित कीमत 3 लाख 13 हजार रुपये से अधिक आंकी गई है.
बरामद कोयले का वजन तापिन ब्रिज पर कराने के बाद उसे सीसीएल चरही प्रबंधन को सौंप दिया गया है. इस दौरान उप कमांडेंट दिनेश कुमार और सीसीएल चरही के महाप्रबंधक कल्याणी प्रसाद खुद ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहे और एमएमडीआर एक्ट (MMDR Act, 1957) के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए. सीआईएसएफ कमांडेंट अमित कुमार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा के लिए उनकी टीम पूरी तरह से मुस्तैद है. इंद्रा ग्राम में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद तापिन नॉर्थ के 41 नंबर क्षेत्र में भी सुरक्षाबलों का सघन तलाशी अभियान लगातार जारी है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध कोयले के खिलाफ यह जीरो टॉलरेंस अभियान आगे भी यूं ही जारी रहेगा.
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