अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा जिले के चिनियां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों मरीजों की जिंदगी केवल फार्मासिस्ट और एनम के भरोसे है, झारखंड सरकार भले ही आमलोगों के लिए करोड़ों रुपए की लागत से बड़ी-बड़ी स्वास्थ्य विभाग का बिल्डिंग बना दिया हो और डॉक्टर सहित स्वास्थ्यकर्मीयों की पोस्टिंग तक कर दिया हो लेकिन गढ़वा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का हकीकत ही कुछ और बयां कर रही है.
बता दें कि चिनियां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 2 एमबीबिएस डॉक्टर एवं 2 आयुष चिकित्सक के साथ कई अलग-अलग स्वास्थ्य कर्मी सहित 10 परमामेंट कर्मी हैं जिन्हे हर दिन ड्यूटी करना है लेकिन फार्मासिस्ट और एनम के अलावा कोई भी स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल से कई दिनों से गायब हैं, वहीं चिनियाँ प्रखंड क्षेत्र के अलग-अलग सुदूरवर्ती गांव पंचायत से मरीज अस्पताल में इलाज करवाने सैंकड़ो लोग पहुँचते हैं लेकिन डॉक्टर के गायब रहने से मरीज को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
इस भीषण गर्मी में लू से लेकर स्कीन डिजिज के साथ अन्य तरह के मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच तो रहें हैं लेकिन अस्पताल आने पर निराश होकर तत्काल राहत के लिए फार्मासिस्ट से दवा लेकर लौट रहें हैं,वहीं डॉक्टर चेम्बर में ताला लटका मिल रहा है, ऐसे में मरीजों का कहना है की अस्पताल तो बड़ा बना है लेकिन यहां जिन डॉक्टर की ड्यूटी है उन सभी डॉक्टर अस्पताल में आतें ही नहीं हैं,वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि भी कई बार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिनियां में अनुपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों की समस्या को लेकर आवाज उठाते रहें हैं लेकिन इस पर कोई असर नहीं पड़ा.ऐसे में सवाल उठता है की आखिर कब तक इस तरह से स्वास्थ्य व्यवस्था चलता रहेगा.