राहुल सिंह/न्यूज़11 भारत
रामगढ़/डेस्क: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के सफल क्रियान्वयन को लेकर आज सिविल सर्जन (C.S.) कॉन्फ्रेंस हॉल में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन राज्य अभियान निदेशक (SMD, ABDM) श्दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में किया गया. इस बैठक में राज्य से जॉइंट डायरेक्टर (ABDM) श्री राजन कुमार, जिले के सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार, जिला नोडल पदाधिकारी (ABDM) डॉ उदय शंकर श्रीवास्तव, DLO, DRCHO, DTO, DS, DI, सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, DPMU एवं BPMU Team, Care एचएमआईएस, JMLTA, निजी अस्पतालों एवं फार्मेसी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय और निर्देश निम्नलिखित हैं:
रामगढ़ बनेगा मॉडल जिलाः रामगढ़ को ABDM के तहत एक मॉडल जिला घोषित किया जाएगा. इसे मॉडल जिला बनाने के लिए लगातार और निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. झारखंड के सभी जिलों में इस मिशन को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जायेगा. अस्पतालों और मरीजों का डिजिटलीकरणः मिशन को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सभी अस्पतालों को इससे जोड़ा जा रहा है. अस्पतालों को पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा और मरीजों का डिजिटल स्वास्थ्य आंकड़ा (Health Records) तैयार किया जाएगा.
* HPR और रिकॉर्ड लिंकेजः हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) के माध्यम से सभी डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को जोड़ा जाएगा. जनता की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए रिकॉर्ड लिंकेज के कार्य को सबसे तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा.
* ABHA कार्ड बनाने में सहिया और आंगनबाड़ी की भूमिकाः इस मिशन में गति लाने के लिए सहियाओं का सहयोग लिया जा रहा है. इसके साथ ही अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी इसमें शामिल (Engage) किया जाएगा और प्रत्येक विद्यालय से नोडल शिक्षकों को इससे जोड़कर आभा कार्ड बनाने मे सहयोग लिया जाएगा .
* निजी अस्पतालों को सख्त निर्देशः बैठक में निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड लिंकेज की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई. सभी निजी अस्पतालों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे शत-प्रतिशत (100%) रिकॉर्ड लिंकेज का कार्य पूरा करें. साथ ही, निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का 'आभा' (ABHA Ayushman Bharat Health Account) कार्ड बनाना अनिवार्य कर दिया गया है.
* PDS सिस्टम और अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़ावः आभा कार्ड निर्माण की संख्या बढ़ाने के लिए इसे जन वितरण प्रणाली (PDS System) से जोड़ा जाएगा. इसके अलावा ई-संजीवनी, निक्षय (Ni-kshay), और U-WIN जैसे सरकारी स्वास्थ्य पोर्टलों पर भी अनिवार्य रूप से आभा आईडी बनाई जाएगी.
तकनीकी खामियों का निवारणः आभा आईडी बनाने में आ रही सभी तकनीकी समस्याओं को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस कार्य में जो भी सहयोग आवश्यक होगा, वह पूरी तरह प्रदान किया जाएगा. फार्मेसी और फार्मासिस्ट का पंजीकरणः सभी दवा दुकानों (Pharmacies) को अनिवार्य रूप से इस डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. साथ ही, सभी फार्मासिस्टों का पंजीकरण भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा.
बैठक के अंत में अधिकारियों ने जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण ही हमारा भविष्य है. रामगढ़ को पूरी तैयारी और जोर-शोर के साथ एक मॉडल जिला बनाकर देश के सामने मिसाल पेश की जाएगी. कार्यों का जाएजा लेने के लिए राज्य अभियान निदेशक ने रामगढ़ के दो स्वास्थ्य केन्द्रों सीएचसी गोला, AAM मरंगमरचा और एक निजी अस्पताल, Prime Hospital का भी दौरा किया.