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रांची/डेस्क: हत्या के एक मामले में 28 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करते हुए कोर्ट ने फैसला सुनाया है. अपर न्याययुक्त शैलेन्द्र कुमार की कोर्ट ने ट्रायल फेस कर रहे आरोपी कार्तिक उर्फ बादल दास को बरी किया. मामला जगन्नाथपुर थाना कांड संख्या 132/2021 से जुड़ा था. जिसमें सूरज मुंडा की मौत के बाद कार्तिक पर हत्या का आरोप लगाया गया था. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रितांशु कुमार सिंह ने पैरवी की, जिन्होंने केवल तीन तिथियों में अभियोजन पक्ष के छह गवाहों का प्रतिपरीक्षण कर जांच और साक्ष्यों की कई गंभीर खामियों को अदालत के समक्ष उजागर किया. बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि अभियोजन आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा.
बताया कि घटना के पांच साल बाद आरोपी बादल दास को बीते 18 फरवरी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था. जेल में रहते हुए आरोपी पर 22 मई को आरोप तय किया गया और सुनवाई पूरी करते हुए 20 जून को बरी किया गया. अभियोजन के अनुसार 29 मार्च 2021 को सूरज मुंडा और आरोपी के बीच विवाद हुआ था, जिसके दौरान सिर पर चोट लगने से वह घायल हो गया. इलाज के बाद घर लौटने पर उसकी तबीयत फिर बिगड़ी और 5 अप्रैल 2021 को उसकी मौत हो गई. कोर्ट ने पाया कि जांच में कई गंभीर कमियां रहीं. न तो आरोपी की पहचान परेड कराई गई और न ही उपचार से जुड़े चिकित्सकीय दस्तावेज या डॉक्टर का बयान रिकॉर्ड किया गया. ऐसे में अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा.
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