मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: सीसीएल कोलफील्ड क्षेत्रों में बढ़ती कोयला तस्करी, अवैध खनन और गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सीआईएसएफ एनके एवं पिपरवार यूनिट ने डकरा रेलवे साइडिंग, डकरा माइंस, सीएचपी और कोल डंप क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी शुरू की है. संवेदनशील इलाकों में की जा रही यह एरियल सर्विलांस सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कोयला तस्करों के एस्केप रूट्स, अवैध भंडारण स्थलों और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है. कमांडेंट अमित कुमार ने बताया कि ड्रोन तकनीक से तस्करों द्वारा उपयोग किए जाने वाले रास्तों पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि सुरक्षा घेरा मजबूत कर अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके.
ड्रोन सर्विलांस के जरिए अब जंगल, क्षेत्रों और दुर्गम इलाकों में भी निगरानी संभव हो रही है, जहां पहले निगरानी चुनौतीपूर्ण थी. इससे न सिर्फ अवैध कोयला कारोबार पर लगाम लगेगी, बल्कि सुरक्षा बलों को बेहतर रणनीति और त्वरित कार्रवाई में भी मदद मिलेगी.
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