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बोकारो/डेस्क: बोकारो पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है. पूर्व पार्षद रमाशंकर सिंह की पुलिस में बेरहम तरीके से पिटाई कर दी जिस कारण वह बिना सहारे के चल भी नहीं पा रहा था. थाने में मिलने गए उसके एक समर्थक को भी पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा.
23 फरवरी को मतदान के दिन चास थाना क्षेत्र के वार्ड 32 के मतदान केंद्र में मतदान के दौरान गलत तरीके से वोटिंग करने का पार्षद प्रत्याशी रेखा देवी के पति पूर्व पार्षद रामशंकर ने विरोध किया था. इसी दौरान पुलिस से नोंकझोक हुई थी. इस नोक झोक में एसडीपीओ चास प्रवीण कुमार सिंह घायल हुए थे. उनके घायल होने के बाद पुलिस ने पूर्व पार्षद रमाशंकर सिंह को हिरासत में लिया और हिरासत में रमाशंकर की बर्बरता पूर्वक पिटाई कर दी. आज जब रमाशंकर को न्यायालय में पेश किया गया तो वह खुद चलने में भी असमर्थ नजर आए.
इस बर्बरता का वीडियो सामने आने के बाद बोकारो की कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कार्रवाई उठाया और कहा कि एक जनसेवक को इस तरह से पिटाई करना निंदनीय है. इस मामले को विधानसभा में उठाने का काम करेंगे. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व एक अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार किया और दामाद की तरह जनता के बीच पेश किया और एक जनसेवक जिसमें 10 साल तक अपने वार्ड की सेवा की उसके साथ अपराधियों जैसा सलूक किया गया. घटना हुई थी उसकी मैं निंदा करती हूं जांच कर दोषी पर कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन इस तरह की पिटाई कहीं से भी मानवता के लिए ठीक नहीं है.
वहीं घटना के दिन थाने में मिलने गए सरदार कॉलोनी निवासी सोनू कुमार को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटने का काम किया. उसके शरीर में कई जगह जख्म के निशान है. सोनू का कहना है कि जब मैं उनसे मिलने गया तो पुलिस ने मुझे दौड़ा कर पीटा. वहीं पार्षद की उम्मीदवार रेखा देवी ने कहा कि आज जब न्यायालय में उन्हें देखा तो लगा कि उनके साथ बहुत गलत हुआ है. वह खुद से चल भी नहीं पा रहे हैं सहारा देकर उन्हें जेल भेजा जा रहा है.
विरोध सिर्फ वोटिंग में हो रहे गलत काम का हो रहा था. लेकिन पुलिस में एक तरफा कार्रवाई की और मुझे भी पीटने का काम किया. उसी का मेरे पति ने विरोध किया था.
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