संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: नीलांबर-पीतांबरपुर के राजोगाड़ी से सोंस तक बन रही पीसीसी सड़क निर्माण में गुणवत्ता को लेकर विवाद ,घटिया सड़क बनाने क आरोप, सड़क ढलाई के बाद उसके अगले ही दिन कठौन्धा गांव के ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को रोक दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया सीमेंट और कम मात्रा में सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिसके कारण सड़क ढलाई के महज एक दिन बाद ही कई जगहों पर दरारें पड़ गई हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि थोड़ी ही दूरी में दर्जनों स्थानों पर पीसीसी सड़क फट चुकी है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. उनका कहना है कि अगर सड़क निर्माण के शुरुआती चरण में ही यह स्थिति है, तो भविष्य में सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर कनीय अभियंता अक्सर नदारद रहते हैं, जिसके कारण निर्माण कार्य की निगरानी नहीं हो पा रही है और गुणवत्ता में लगातार कमी देखी जा रही है. इसका फायदा उठाकर ठेकेदार के लोग मनमाने तरीके से सीमेंट, बालू और चारी का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है.साथ ही 4mQ में 32बोरी सीमेंट की जगह 20बोरी ही डाले जा रहे हैं.
ग्रामीणों के बुलावे पर मौके पर पहुंचे पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि वीरेंद्र कुमार ने भी सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया. उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया तथा ग्रामीणों की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जानकारी दूरभाष के माध्यम से स्थानीय विधायक को दी और निर्माण कार्य को तत्काल बंद करा दिया. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के शुरुआती दौर से ही वे गुणवत्ता को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई है और न ही निर्माण कार्य की जांच कराई गई है.
ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी संवेदक एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी राशि का दुरुपयोग रोका जा सके और क्षेत्रवासियों को गुणवत्तापूर्ण सड़क उपलब्ध हो सके.
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