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बगोदर/डेस्क: बगोदर के जरमुन्ने पूर्वी पंचायत से जुड़े पुराने मामले में बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम बगोदर पहुंची. धनबाद से आई टीम ने मुखिया प्रमिला देवी के कार्यकाल से संबंधित दस्तावेजों और योजनाओं की जानकारी जुटाई. टीम ने थाना और प्रखंड कार्यालय में अधिकारियों से अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ भी की.
जांच के दौरान प्रखंड कार्यालय में अधिकारियों से बंद कमरे में जानकारी ली गई. बीडीओ से भी मामले से जुड़े दस्तावेज और घटनाक्रम के संबंध में पूछताछ की गई. ACB अधिकारियों ने बताया कि जांच से संबंधित रिपोर्ट सीधे हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी.
मामले की शुरुआत वर्ष 2022 में बगोदर बस पड़ाव स्थित महेंद्र सिंह गोलंबर के सौंदर्यीकरण कार्य से हुई थी. कार्य कराने वाले ठेकेदार की मौत के बाद उनके भाई धर्मदेव राणा उर्फ बबलू राणा ने करीब 2.59 लाख रुपये के बकाया भुगतान का दावा किया था.
भुगतान को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच मुखिया की ओर से धर्मदेव राणा के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया. इसके बाद अग्रिम जमानत की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में मामले से जुड़े तथ्यों और मुखिया की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे.
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने मामले की जांच ACB से कराने का आदेश दिया. इसी आदेश के तहत धनबाद ACB की टीम ने बगोदर पहुंचकर संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की है.
अब 12 अक्टूबर को हाईकोर्ट में ACB की सीलबंद जांच रिपोर्ट पेश की जानी है. इसके बाद ही मामले में सामने आए तथ्यों और वित्तीय अनियमितता से जुड़े सवालों की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी.
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