संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: पलामू जिले के चैनपुर थाना अंतर्गत सलतुआ गांव में एक मां की मृत्यु के बाद उपजे विवाद ने सामाजिक और धार्मिक विमर्श को जन्म दे दिया. घटना एक आदिवासी परिवार की है, जहां मृत महिला के छह बेटों के बीच अंतिम संस्कार की पद्धति को लेकर टकराव की स्थिति बन गई. विवाद की मुख्य वजह यह थी कि दो भाइयों ने पूर्व में ही दूसरे धर्म को स्वीकार कर लिया था, जबकि अन्य चार भाई अपने मूल धर्म का पालन कर रहे थे. मां के निधन के बाद जहां चार बेटे पैतृक रीति-रिवाजों से अंतिम विदाई देना चाहते थे, वहीं धर्म परिवर्तन कर चुके दो भाई अपनी नई मान्यताओं के अनुसार अंतिम संस्कार करने पर अड़ गए.
जैसे ही यह खबर गांव में फैली, तनाव की आशंका को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि और समाज के प्रबुद्ध नागरिक सक्रिय हो उठे. मुखिया प्रतिनिधि हरिद्वार सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने मिलकर एक पंचायत बुलाई और सभी भाइयों के साथ गहन चर्चा की. काफी विचार-विमर्श के बाद, बहुमत और सामाजिक परंपराओं का सम्मान करते हुए चार भाइयों के अनुसार ही अंतिम संस्कार करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया. चैनपुर थाना प्रभारी श्रीराम शर्मा ने भी मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी, लेकिन ग्रामीणों ने अपनी परिपक्वता का परिचय देते हुए मामले को आपसी सहमति से शांतिपूर्वक सुलझा लिया है.
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