प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: लातेहार जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के संकल्प के तहत अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर प्रखंड के सरईडीह सहित आसपास के कई गांवों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया. इस कार्यक्रम में स्थानीय जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर, प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज, बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर, अभियान से जुड़ी एनजीओ के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए.
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, पुरुषों और युवतियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया गया. साथ ही, बाल विवाह निषेध से जुड़े कानूनों एवं इसके उल्लंघन पर मिलने वाली सजा की जानकारी भी दी गई. वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह न केवल एक दंडनीय अपराध है, बल्कि यह बेटियों के भविष्य और उनके जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है.
मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि समाज को इस कुप्रथा के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा. बाल विवाह को रोकने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है, और हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाए.
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई गई तथा जागरूकता से जुड़े पर्चों का वितरण भी किया गया. इस पहल से क्षेत्र में बाल विवाह के खिलाफ सकारात्मक माहौल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
यह भी पढ़ें: बगोदर: कुदर पंचायत में 50 लाख की लागत से बनेगा स्वास्थ्य उपकेंद्र, जिप सदस्य दुर्गेश कुमार ने किया शिलान्यास