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चान्हो/डेस्क: स्वतंत्रता संग्राम का शंखनाद आदिवासी समाज ने 1700 ई में किया था . मगर ये बात और है कि आदिवासी समाज के संघर्ष और बलिदान को इतिहास के पन्नों या किताबों में जगह नहीं मिली . आदिवासी समाज सामूहिकता से जीने और धनी परम्परा का प्रतीक है . लेकिन इसे हमेशा छुपाया और दबाया गया . ये बात राज्य की कृषि , पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कही है . वो चान्हो के सिलागांई में अमर शहीद वीर बुधु भगत की 234 वीं जयंती समारोह सह विकास मेला को संबोधित कर रहीं थी . इस मौके पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और मंत्री चमरा लिंडा ने वीर बुधु भगत की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया . इस दौरान जिला स्तरीय किसान मेला सह प्रदर्शनी का मंत्री ने निरीक्षण भी किया . समारोह में मंच से कृषि , पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के द्वारा विभिन्न योजनाओं में लाभुकों के बीच करोड़ों रुपए की परिसंपत्ति का वितरण किया गया .
जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मेरे लिए ये सौभाग्य की बात है कि इस वीर भूमि की सेवा मैं एक विधायक या मंत्री के तौर पर नहीं बल्कि एक सेवक के रूप में कर रही हूं . अमर शहीद बुधु भगत की वीरता को बताने की जरूरत नहीं , इतिहास में वो दर्ज है . आदिवासी समाज से ज्यादा लोकतांत्रिक समाज कोई नहीं . इस बात को संविधान सभा के सदस्य जयपाल सिंह मुंडा ने कहा था . उन्होंने कहा कि जिसने हमेशा इस समाज को मिटाने का प्रयास किया , वही आज हमसे सवाल पूछते है . अंग्रेजों ने जमीन के लगान वसूली के लिए राजा - रजवाड़ों को जिम्मा दिया था . लगान वसूलने वाले आज आदिवासी समाज का भविष्य भी वसूल रहे है . मंत्री ने कहा कि अगर आप इतिहास को नहीं जानेंगे , तो वो आपका भविष्य लिखेंगे . यही वो लोग है जो समाज में लोगों को एक दूसरे से लड़ाने का काम करते है .लेकिन याद रखिए समाज हमेशा जाति - धर्म से ऊपर है . सिलागांई में एकलव्य विद्यालय का विरोध करने वाले लोग आज विद्यालय नहीं बनने की बात कर रहे है . जब विरोध हो रहा था तब ये किसी ने नहीं सोचा की नुकसान किसका हो रहा है . मंत्री ने कहा कि आज जरूरत सीमेंट , गिट्टी , बालू से होने वाले विकास की नहीं , बल्कि अगर हम अपने बीच से अधिकारी , शिक्षक , पुलिस , वकील बनाने में सफल रहें , तो ये समाज का असल विकास होगा .शहीद वीर बुधु भगत स्मारक समिति को ये बताना चाहिए कि आदर्श ग्राम में आवास निर्माण के लिए सरकार के द्वारा दी गई करोड़ों की राशि कहां खर्च हुई . समिति को साल में 4 से 5 बैठक इस क्षेत्र के विकास और भविष्य की कार्य योजना को लेकर करना चाहिए . समारोह में वीर बुधु भगत के वंशजों को मंच पर सम्मानित किया गया.
इस मौके पर शिवपूजन भगत , बिहारी भगत , रामधनी भगत , प्रो रामकिशोर भगत , परमेश्वर भगत , मंगा उरांव , महादेव उरांव , शिव उरांव , अजीत कुमार सिंह , गोपाल भगत , हरिनंद भगत , गुड़िया कुमारी , अल्फ्रेड मिंज , संतोष उरांव , दिलीप सिंह , आशुतोष तिवारी सहित अन्य मुख्य रूप से मौजूद थे .
जिला स्तरीय किसान मेला सह प्रदर्शनी का निरीक्षण कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने किया . किसानों के द्वारा स्टॉल पर लगाए गए उत्पाद की जानकारी भी ली गई . इस मौके पर करोड़ों रुपए की परिसंपत्ति का वितरण मंत्री के हाथों किया गया . जिसमें मुख्यमंत्री पशुधन योजना , जोड़ा बैल योजना , ट्रैक्टर वितरण , KCC लोन , JSLPS के द्वारा क्रेडिट लिंकेज के तहत 9 करोड़ 43 लाख की राशि , 200 किसानों स्प्रेयर , 400 किसानों कंपोस्ट पीट , ओल - अदरक और मनरेगा के तहत संचालित योजना का लाभ किसानों को दिया गया .
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