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सिमडेगा/डेस्क: नालसा के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार सिमडेगा द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन किया गया. जिसमें 07 बेंचों का गठन विभिन्न श्रेणियों के कुल 11,797 मामलों का आपसी समझौता के तहत निष्पादन किया गया. इन मामलों में कुल ₹1,37,36,275 राशि पर समझौता हुआ.
राष्ट्रीय लोक अदालत में आज प्री-लिटिगेशन मामलों में कुल 11,728 मामले लिए गए, जिनमें सभी मामलों का निष्पादन करते हुए ₹57,64,725 की समझौता राशि दर्ज की गई. वहीं लंबित मामलों में 69 मामले लिए गए और सभी 69 मामलों का निष्पादन हुआ. इन मामलों में ₹79,71,550 की समझौता राशि निर्धारित की गई. इस तरह प्री-लिटिगेशन और लंबित मामलों को मिलाकर लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का त्वरित समाधान किया गया.
वहीं क्रिमिनल कंपाउंडेबल ऑफेंस से संबंधित 111 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें ₹2,76,050 की समझौता राशि रही. बैंक रिकवरी मामलों के 235 मामलों का निपटारा करते हुए ₹39,76,225 की राशि पर समझौता हुआ. मोटर व्हीकल एक्ट से संबंधित 9 मामलों में ₹75,82,000 की राशि पर समझौता की गई.
इसके अलावा ट्रैफिक चालान से जुड़े 22 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें ₹33,000 की राशि शामिल है. सर्विस मैटर्स से संबंधित 17, लैंड एक्विजिशन के 56 तथा रेवेन्यू से जुड़े 14 मामलों का भी निपटारा किया गया. बिजली विभाग से संबंधित मामलों में 6 मामलों का निष्पादन हुआ, जिनमें ₹1,18,000 की समझौता राशि रही. इसके साथ वैवाहिक विवाद से संबंधित एक मामले का भी समाधान किया गया. इसके अलावी विभिन्न प्रकार के सिविल, उत्तराधिकार, प्रमाण-पत्र एवं तलाक आदि से जुड़े मामले का निष्पादन आज किया गया.
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है. सिमडेगा में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि लोक अदालत ने बड़ी संख्या में मामलों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.