न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: मतदाता सूची की गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है. विपक्षी दल इस बड़ा राजनीतिक हथियार बनाकर देश भर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी पूरी प्रक्रिया के घेरे में मुख्य चुनाव आयुक (CEC) ज्ञानेश कुमार आ गये हैं. ज्ञानेश कुमार पर अनियमितता करने का आरोप लगाते हुए पूरी एसआईआर प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े किये जा रहे हैं और अब तो यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानेश कुमार और एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिकाओं पर 5 अक्टूबर को सुनवाई होगी.
CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की बेंच याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. इस बेंच में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल भी होंगे. याचिकाओं में ज्ञानेश कुमार पर बड़ा और सीधा आरोप यह लगाया गया है कि SIR प्रक्रिया में मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में उन्होंने एकतरफा लिए हैं. जबकि चुनाव आयोग में उनके साथ और चुनाव आयुक्त हैं. लेकिन उनकी आपत्तियों की अनदेखी करके ज्ञानेश कुमार ने निर्णय लिए हैं.
याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिकाओं में CEC व अन्य अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट से एसआईआर प्रक्रिया में कुछ राहत की मांग की है. इसके अलावा पूरी एसआईआर प्रक्रिया की किसी रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच की जाए. इसके अलावा ECINet और ERONet के फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाना भी उनकी प्रमुख मांग है. जब तक मामला लंबित है, तब तक ज्ञानेश कुमार को CEC के तौर पर काम करने से रोकने का भी आग्रह किया गया है.
यह भी पढ़ें: आप पर देश को गर्व है! पीएम मोदी ने जान की बाजी लगाने वाले पायलट कैप्टन स्मित को किया वीडियो कॉल, 'हीरो' को जमकर सराहा