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नई दिल्ली/डेस्क: केंद्र सरकार ने केरल राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले लिया गया यह फैसला राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अहम साबित हो सकता है. इससे पहले केरल विधानसभा ने राज्य का आधिकारिक नाम 'केरलम' करने का प्रस्ताव पारित किया था. राज्य सरकार और स्थानीय समुदायों का तर्क है कि मलयालम भाषा में प्रदेश को 'केरलम' कहा जाता है, इसलिए संविधान और सरकारी अभिलेखों में भी यही नाम दर्ज होना चाहिए.
अब केंद्र की स्वीकृति के साथ इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है. सरकार का कहना है कि इस बदलाव से राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को मजबूती मिलेगी और उसे उसकी मूल परंपरा के अनुरूप मान्यता मिलेगी. हालांकि, नाम परिवर्तन की मांग नई नहीं है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले इस पर मुहर लगने के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है. विपक्षी दल इसे चुनावी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं समर्थकों का कहना है कि यह राज्य की अस्मिता से जुड़ा फैसला है.
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