न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) ने बड़ी राहत भरी घोषणा की हैं. लंबे समय से गलत सवाल, अस्पष्ट प्रश्न और तकनीकी खामियों को लेकर उठे रही शिकायतों के बाद आयोग ने परीक्षा प्रक्रिया में अहम बदलाव करने का निर्णय लिया हैं. नई व्यवस्था वर्ष 2026 से लागू की जाएगी, जिससे परीक्षाएं अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बन सकेंगी.
गलत प्रश्न हटेंगे, सभी को मिलेंगे पूरे अंक
SSC द्वारा लागू की जा रही नई आपत्ति प्रबंधन प्रणाली के तहत अब कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं (CBT) में पूछे गए गलत या अस्पष्ट सवालों को हटा दिया जाएगा. सबसे बड़ी राहत यह है कि ऐसे प्रश्नों के पूरे अंक मिलेंगे. इसके अलावा यदि किसी प्रश्न के एक से अधिक सही उत्तर पाए जाते है तो सही विकल्प चुनने वाले सभी अभ्यर्थियों को पूरे अंक मिलेंगे. हालांकि गलत उत्तर देने पर नेगेटिव मार्किंग पहले की तरह जारी रहेगी.
आंसर की पर आपत्ति दर्ज करने का मिलेगा मौका
नई व्यवस्था के अनुसार, SSC पहले प्रोविजनल आंसर की जारी करेगा. इस पर उम्मीदवार अपनी आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे. इसके बाद विशेषज्ञों की टीम सभी आपत्तियों की जांच करेगी और फिर फाइनल आंसर की जारी की जाएगी. इससे उम्मीदवारों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा और परिणामों की पारदर्शिता बढ़ेगी. SSC ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि परीक्षा में सिलेबस से बाहर का कोई प्रश्न पूछा जाता है तो उसे भी हटाकर उसके पूरे अंक सभी उम्मीदवारों को दिए जाएंगे. इससे अभ्यर्थियों को अनुचित नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा. साथ ही उम्मीदवार ने आवेदन के समय जिस भाषा का चयन किया है, परीक्षा उसी भाषा में देनी होगी. हालांकि प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओँ में उपलब्ध रहेगा ताकि समझने में कोई परेशानी न हो.
यह भी पढ़े: UPSC Recruitment 2026: केंद्र सरकार के मंत्रालयों में नौकरी का सुनहरा मौका, इस तारीख तक करें अप्लाई