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रांची/डेस्क: मतदाताओं की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में विवाद की खबरों के बाद देश भर में विपक्षी पार्टियों के भारी विरोध के बाद चुनाव आयोगन ने बड़ा फैसला लिया है. फॉर्म-6 के जिस Annexure-D पर चुनाव आयुक्तों ने विरोध जताया था, अब उसे हटा लिया गया है, उसे हटा लिया गया है. Annexure-D के हटाये जाने से बड़ी संख्या में, खास कर नए मतदाताओं को फायदा होगा.
झारखंड समेत कई राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम खत्म हो चुका है। लेकिन फॉर्म-6 से अतिरिक्त घोषणा-पत्र वाले अंश को चुनाव आयोग ने हटा लिया है. यानी जहां मतदाता सूची का SIR पूरा हो चुका है. उन राज्यों के नए मतदाताओं को Form-6 में अतिरिक्त घोषणा नहीं करनी होगी.
हालांकि, चुनाव आय़ोग ने अपनी वेबसाइट पर यह जानकारी दी है कि जिन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया अभी जारी है, वहां फॉर्म-6 के साथ यह अतिरिक्त जानकारी मांगी जाएगी. एसआईआर पूरा होने के बाद मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए सामान्य वैधानिक फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा.
फॉर्म-6 में इस जानकारी के मांगे जाने से होने लगी थी परेशानी
बता दें कि फॉर्म-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में पहली बार नाम जुड़वाने के लिए एसआईआर के दौरान Annexure-D नामक एक अतिरिक्त नये वोटर को करनी पड़ रही थी. यही घोषणा पत्र बाद में फॉर्म-6 में जोड़ा गया था. यह जानकारी पुराने मतदाता के रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी थी, जिसे नये आवेदक को बताना होता था. जैसे कि 2003 की मतदाता सूची में आपके माता-पिता, दादा-दादी का नाम दर्ज था या नहीं. इस सेक्शन में पुराने विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र और मतदाता सूची की क्रम संख्या जैसी जानकारियां भी आवेदक से मांगी जा रही थी. इन्हीं जानकारियों के कारण विशेषकर नए आवेदकों को भारी परेशानी हो रही थी.
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