न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए छह दिवसीय दौरे पर रवाना हुई हैं. यह दौरा 7 फरवरी 2026 तक चलेगा और इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा, आदिवासी कल्याण, संस्कृति को बढ़ावा देना और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देना हैं.
राष्ट्रपति मुर्मू आज शाम भुवनेश्वर पहुंचेंगी. 3 फरवरी को वे बालासोर स्थित फकीर मोहन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी और विश्वविद्यालय के नए ऑडिटोरियम का उद्घाटन भी करेंगी. इस कदम से पूर्वी भारत में उच्च शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने की सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर किया गया हैं.
4 फरवरी को राष्ट्रपति मयूरभंज जिले के राइरांगपुर में होंगी, जो आदिवासी क्षेत्रों में आता हैं. यहां वे प्रतिष्ठित आदिवासी नेता भान्जबीर सुनाराम सोरेन की प्रतिमा का अनावरण करेंगी. इसके अलावा महुलदीहा के सरकारी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं से बातचीत करेंगी. इस दौरान वे कई परियोजनाओं का उद्घाटन और भूमि पूजन भी करेंगी, जिनमें सरकारी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, ओडिशा कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के परिसर में विकास कार्य, आर्चरी सेंटर, शहर की सुंदरता और ड्रेनेज सुधार कार्य, विभिन्न कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी योजनाएं और एमएससीबी विश्वविद्यालय के सूचना प्रौद्योगिकी कैंपस शामिल हैं. ये परियोजनाएं आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, शहरी सुविधाओं और प्रौद्योगिकी के समग्र विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.
6 फरवरी को राष्ट्रपति सिमलिपाल बायोस्फीयर रिजर्व जाएंगी, जहां वे आदिवासी महिलाओं और युवाओं से सीधे मिलेंगी. सिमलिपाल अपनी जैव विविधता और आदिवासी विरासत के लिए प्रसिद्ध हैं. उसी दिन वे भुवनेश्वर में ओडिशा सरकार और ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के साझेदारी से आयोजित ‘ब्लैक स्वान समिट, इंडिया’ में भी शिरकत करेंगी. इस समिट का उद्देश्य वित्त और तकनीक के क्षेत्र में जोखिम प्रबंधन, मजबूती और नए अवसरों पर चर्चा करना हैं.
7 फरवरी को राष्ट्रपति मुर्मू छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में ‘बस्तर पंडुम 2026’ महोत्सव का उद्घाटन करेंगी. यह वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव बस्तर की आदिवासी परंपराओं, कला, शिल्प और जीवनशैली को समर्पित हैं. इस आयोजन से आदिवासी विरासत का संरक्षण और प्रचार-प्रसार होगा, साथ ही स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.