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रांची/डेस्क: वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना मचाडो ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. यह बैठक वेनेजुएला में राजनीतिक उठापटक और अमेरिका के नेतृत्व में पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हालिया गिरफ्तारी के बाद हुई तीव्र बहस के बीच हुई.
नोबेल शांति पुरस्कार भेंट करने का दावा
मुलाकात के दौरान मचाडो ने दावा किया कि उन्होंने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि ट्रंप ने इसे स्वीकार किया या नहीं. मचाडो ने व्हाइट हाउस से निकलते समय समर्थकों से कहा, “हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं,” जिसके बाद कुछ लोगों ने ‘धन्यवाद, ट्रंप’ के नारे लगाए. नोबेल पुरस्कार देने वाली संस्था पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि नियमों के अनुसार यह पुरस्कार किसी को हस्तांतरित या साझा नहीं किया जा सकता.
मुलाकात की पृष्ठभूमि और बातचीत
मचाडो की यह पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी जब उन्हें सुरक्षा कारणों से महीनों तक वेनेजुएला छोड़ना पड़ा था. अमेरिकी अधिकारियों और ट्रंप प्रशासन से मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली. ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल और आर्थिक मुद्दों पर रोड्रिगेज सरकार की तारीफ की, वहीं कुछ अमेरिकी सांसदों ने मचाडो का समर्थन जताया. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने मचाडो को वेनेजुएला की “एक साहसी और उल्लेखनीय आवाज” बताया. हालांकि, उन्होंने यह भी दोहराया कि ट्रंप का मचाडो की नेतृत्व क्षमता पर आकलन अपरिवर्तित हैं.
सुरक्षा और राजनीतिक जटिलताएं
मचाडो को मादुरो समर्थक सर्वोच्च न्यायालय ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से रोक दिया था. विपक्ष समर्थित एडमंडो गोंजालेज ने चुनाव में निर्णायक जीत हासिल की, लेकिन मादुरो ने सत्ता पर अपना कब्जा बनाए रखा. मचाडो ने अमेरिकी सांसदों को बताया कि वेनेजुएला में दमनकारी व्यवस्था मादुरो काल से चली आ रही है और अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज एक कुशल नेता है, जिनकी स्थिति ट्रंप के समर्थन से मजबूत हो रही हैं.
मुलाकात का उद्देश्य और असर
इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला की राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता पर चर्चा करना था. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता वेनेजुएला के तेल तक अमेरिकी पहुंच सुनिश्चित करना और देश की अर्थव्यवस्था को संभालना हैं. वहीं मचाडो की उपस्थिति ने अमेरिकी राजनीतिक नेतृत्व को यह संदेश भी दिया कि वेनेजुएला में लोकतंत्र की वकालत जारी है और विपक्षी आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान्यता मिल रही हैं.
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