मनीष कुमार/न्यूज11 भारत
मोतिहारी/डेस्क हार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में समस्तीपुर में वीवीपैट पर्ची लावारिश मिलने के बाद एक ऐसी ही दूसरी घटना सामने आयी है. दूसरे चरण के मतदान के दौरान पूर्वी चंपारण जिले से मतदान प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है. जिले के सुगौली विधानसभा क्षेत्र स्थित राजकीय उत्क्रमित विद्यालय नीमुई में बूथ संख्या 218 और 219 पर वीवीपैट मशीन से निकली मत पर्चियां खुले में लावारिश हालत में फेंकी हुई मिलीं. इन पर्चियों पर कई राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह जैसे हाथी, ब्लैकबोर्ड आदि साफ-साफ नजर आ रहे हैं. इस घटना से मतदान की गोपनीयता और सामग्री की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं.
घटना की जानकारी मिलते ही जन शक्ति दल के प्रत्याशी श्याम किशोर चौधरी और बसपा के उम्मीदवार मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच की. उन्होंने आरोप लगाया कि यह चुनावी प्रक्रिया की गंभीर चूक है और मतदान रद्द करने की मांग की. जिला प्रशासन ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि मिली हुई पर्चियां वीवीपैट के मॉक पोल की हैं. प्रशासन ने अपने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि ये पर्चियां मतदानकर्मी के बैग से गलती से गिर गई थीं, जिन्हें बाद में सुरक्षित रूप से जमा कर लिया गया है.
दोपहर 1बजे स्वयं सदर एसडीएम सह सुगौली विधानसभा की आरओ मौके पर पहुंचीं. इस दौरान कई प्रत्याशी, ग्रामीण, अर्धसैनिक बल के जवान और सुगौली व बंजरिया के थानाध्यक्ष भी स्कूल परिसर में मौजूद रहे. सूत्रों के अनुसार, एसडीएम ने प्रत्याशियों की मौजूदगी में वीवीपैट पर्चियों की गिनती करवाई. इसके बाद ही पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी.
क्या होता है वीवीपैट?
वीवीपैट एक ऐसी प्रणाली है जो ईवीएम के साथ जुड़ी होती है. जब कोई मतदाता ईवीएम पर वोट डालता है, तो वीवीपैट मशीन एक छोटी कागज की पर्ची छापती है, जिसमें मतदाता द्वारा चुने गए प्रत्याशी का नाम और चुनाव चिन्ह होता है. यह पर्ची लगभग 7 सेकंड तक मशीन की स्क्रीन पर दिखती है, जिससे मतदाता सुनिश्चित कर सके कि उसका वोट सही उम्मीदवार को गया है. इसके बाद पर्ची स्वचालित रूप से सीलबंद बॉक्स में गिर जाती है.
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