न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
इन्द्रदेव/सहरसा: जिले के महिषी प्रखंड के जलई थाना क्षेत्र अंतर्गत थनबार गांव में सोमवार को 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार गिरने से तीन पशुओं की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला। आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर NH-17 को जाम कर दिया।
बताया जा रहा है कि थनबार गांव निवासी अरुण राय की एक भैंस और दो गाय बिजली के 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से तीनों पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई। पीड़ित परिवार के अनुसार, मृत गायों में से एक करीब सात महीने की गर्भवती थी। घटना से परिवार को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। उनका कहना है कि बिजली के तार और पोल की समय-समय पर जांच एवं मरम्मत नहीं होने के कारण तार टूटकर जमीन पर गिरा, जिसकी चपेट में आने से तीन पशुओं की जान चली गई।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-17 को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम होने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों और पीड़ित परिवार को समझाया तथा उचित कार्रवाई और मुआवजे का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क से जाम हटा लिया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
वहीं, संबंधित बिजली विभाग के जेई ने भी पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। जेई के अनुसार, पशुओं का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद विभागीय प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा देने की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी बिजली के करंट की चपेट में आने से एक भैंस की मौत का मामला सामने आया था, जिसके बाद पशुपालन विभाग के डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर भैंस का पोस्टमार्टम किया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं को लेकर ग्रामीण बिजली विभाग की कार्यशैली और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल पीड़ित परिवार को पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने और मुआवजे का इंतजार है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से क्षेत्र में जर्जर तारों और बिजली पोल की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।