न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार में बुनियादी ढांचे और सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे अभियानों के तहत एक बड़ी कामयाबी मिलने वाली है. समस्तीपुर को पटना से सीधे जोड़ने के लिए गंगा नदी पर बेहद तेजी से अस्थायी पीपा पुल (Pontoon Bridge) का निर्माण किया जा रहा है. इस पुल के तैयार होते ही दियारा इलाके में रहने वाली एक बड़ी आबादी की मुश्किलें हमेशा के लिए दूर हो जाएंगी. अब तक आधुनिक यातायात के साधनों से कटे इन गांवों के लोगों के लिए यह परियोजना विकास के नए रास्ते खोलेगी.
2 घंटे की थकाऊ दूरी अब महज 30 मिनट में होगी तय
इस पुल के शुरू होने के बाद सबसे बड़ा बदलाव यात्रा के समय में देखने को मिलेगा. वर्तमान समय में समस्तीपुर से पटना पहुंचने के लिए लोगों को घुमावदार रास्तों से होकर जाना पड़ता है, जिसमें करीब 2 घंटे का लंबा वक्त जाया होता है. लेकिन जैसे ही यह पीपा पुल चालू होगा, लोग समस्तीपुर से सीधे पटना के सीमावर्ती इलाकों तक सिर्फ आधे घंटे (30 मिनट) में पहुंच सकेंगे. समय की इस भारी बचत से नौकरीपेशा, छात्रों और आपातकालीन मरीजों को सबसे ज्यादा सहूलियत होगी.
आकार लेने लगा पुल: 8 MM मोटी लोहे की प्लेटों से मिल रही है मजबूती
निर्माण स्थल पर अब काम की प्रगति साफ नजर आने लगी है. शुरुआती दौर में जहां सिर्फ खाली ड्रम और बिखरा हुआ सामान दिखता था, वहीं अब पुल का मुख्य ढांचा (स्ट्रक्चर) पूरी तरह उभर कर सामने आ गया है. सुरक्षा और मजबूती से बिना किसी समझौते के, पानी में तैरते ड्रमों के ऊपर भारी-भरकम लोहे के चैनल और लगभग 8 मिलीमीटर मोटी मजबूत लोहे की चादरें (प्लेट्स) बिछाई जा रही हैं. तकनीकी रूप से इस पूरे प्लेटफॉर्म को इतना सुदृढ़ बनाया जा रहा है ताकि इस पर गाड़ियां बिना किसी जोखिम के फर्राटा भर सकें.
चार जिलों के इंजीनियर संभाल रहे कमान, मानसून से पहले राहत देने की तैयारी
इस पुल को बेहतरीन और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है. निर्माण कार्य को पूरी सटीकता से अंजाम देने के लिए पूर्णिया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और सहरसा जैसे जिलों से बुलाए गए अनुभवी विशेषज्ञों और तकनीकी कारीगरों की मदद ली जा रही है. दिन-रात चल रहे इस काम का मुख्य उद्देश्य मानसून की आहट से पहले इसे तैयार करना है. इस पुल के बन जाने से लोगों को बारिश के दिनों में उफनती नदी के बीच जान जोखिम में डालकर नाव की सवारी करने से मुक्ति मिल जाएगी.