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रांची/डेस्क: आज नेता विपक्ष राहुल गांधी ने रांची के 12वीं कक्षा के छात्र सार्थक सिद्धांत से सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और उससे जुड़े टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की ओर ध्यान आकर्षित करने को लेकर मुलाकात की एवं विस्तृत जानकारी ली. आज संसद भवन में सार्थक सिद्धांत संसदीय समिति के समक्ष भी अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया गया था.
सार्थक सिद्धांत झारखंड के रांची के रहने वाले हैं. 17 साल के सार्थक ने इसी साल सीबीएसई बोर्ड से 12वीं क्लास परीक्षा दी थी और बोर्ड ने नए मार्किंग सिस्टम से प्राभावित लाखों छात्रों में से एक हैं. नए मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठने के बाद उन्होंने भी री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के लिए अपनी स्कैन आंसर शीट मांगी थी. लेकिन आंसर शीट मिलने के बाद जब शक हुआ तो उन्होंने खुद से सीबीएसई के टेंडर डॉक्यूमेंट्स खंगालने शुरू किए और कई खामियां ढूंढकर सोशल मीडिया पर उजागर किया था.
सार्थक ने गंभीर आरोप लगाया कि कई CBSE टेंडर डॉक्यूमेंट्स की तुलना करने पर कई गड़बड़ियां सामने आईं, जो किसी खास सर्विस प्रोवाइडर को फायदा पहुंचने के लिए लग रही थीं. कई दिनों की मेहनत और अलग-अलग डॉक्यूमेंट्स देखने के बाद, सार्थक ने एक ब्लॉग में कई खामियां ब्लॉग के जरिए शेयर की थीं.
उन्होंने दावा किया कि फरवरी 2025 में जारी पहले टेंडर में TCS और Coempt eduteck दो कंपनियों ने ओएसएम टेंडर के लिए आवेदन किया था. लेकिन बाद में टेंडर पब्लिक रिकॉर्ड से हटाकर नए टेंडर के नियमों में बदलाव किया गया. छात्र का आरोप है कि ब्लैकलिस्टिंग, खराब प्रदर्शन और टर्नओवर जैसे नियमों को इस तरह से जानबूझकर घुमाया गया कि Coempt eduteck आसानी से क्वालीफाई कर सके.
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