संतोष श्रीवास्तव/न्यूज11 भारत
पलामू/डेस्क: झारखंड कैडर के वर्ष 2025 बैच के 7 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) प्रशिक्षु अधिकारियों के एक दल ने अपने फील्ड दौरे के तहत विश्व प्रसिद्ध पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) और बेतला राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवा अधिकारियों को वन्यजीव प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के साथ सामंजस्य बिठाकर किए जा रहे विकास कार्यों से रूबरू कराना था.
दौरे की शुरुआत में पलामू टाइगर रिजर्व के 'टाइगर सेल' द्वारा सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को एक विस्तृत ब्रीफिंग दी गई. इस दौरान उन्हें बाघों के संरक्षण, उनकी मॉनिटरिंग प्रणाली और रिजर्व के भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.
इसके बाद, पलामू टाइगर रिजर्व के उप निदेशक खुद इस दल के साथ रहे. उन्होंने सभी 7 आईएएस प्रशिक्षुओं को रिजर्व के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों का भ्रमण कराया. इस दौरान अधिकारियों ने देखा कि वन्यजीवों के लिए घास के मैदान (ग्रासलैंड) और पानी की उपलब्धता (वाटरशेड मैनेजमेंट) को कैसे बेहतर बनाया जाता है, जो किसी भी जंगल के इकोसिस्टम की जीवन रेखा हैं.
दल ने क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने के लिए घने जंगलों के बीच स्थित ऐतिहासिक पलामू किले का दीदार किया. इसके साथ ही बक्सा ईको रिट्रीट में अधिकारियों ने सस्टेनेबल और ईको-फ्रेंडली टूरिज्म (पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन) के उस मॉडल को देखा, जो प्रकृति को नुकसान पहुँचाए बिना पर्यटन को बढ़ावा देता है. अधिकारियों ने वन्यजीव सफारी का भी पूरा आनंद लिया, जहाँ उन्होंने बेतला के प्राकृतिक माहौल में स्वच्छंद रूप से घूमते वन्यजीवों को देखा.
सभी आईएएस प्रशिक्षु अधिकारी इस प्राकृतिक और शैक्षणिक दौरे से बेहद उत्साहित और आनंदित नजर आए. उन्होंने माना कि यह अनुभव भविष्य में प्रशासनिक सेवाओं के दौरान पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाने में बेहद मददगार साबित होगा. दौरे के समापन पर पलामू टाइगर रिजर्व के उप निदेशक द्वारा सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को बेतला की यादों के रूप में एक विशेष स्मृति चिन्ह भेंट किया गया.