संजय श्रीवास्तव/न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: आरा कोरोना काल में सदर अस्पताल, आरा में 95 लाख रुपये की लागत से लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट अब सिर्फ शोपीस बनकर रह गया हैं. तीसरी लहर के दौरान इसे जल्दबाजी में शुरू किया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में प्लांट बंद हो गया और तब से आज तक दुबारा चालू नहीं हो सका. नतीजा 20 करोड़ की लागत से बने नए मॉडल अस्पताल भवन का असली उद्देश्य ही अधूरा रह गया हैं.
20 जुलाई 2023 की तत्कालीन डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने इस अत्याधुनिक भवन का उद्घाटन किया था. उम्मीद थी कि 15 अगस्त 2023 से इमरजेंसी, आईसीयू, डायलिसिस, एसएनसीयू, प्रसूति व बर्न वार्ड जैसे महत्वपूर्ण सेक्शनों में प्लांट से सीधे ऑक्सीजन आपूर्ति शुरू हो जाएगी. सिलेंडर पर निर्भरता बढ़ी खर्च रोजाना 1.50 लाख रुपये अस्पताल सूत्रों के मुताबिक प्रतिदिन करीब 40 ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत होती है, जिसके लिए लगभग 1.50 लाख रुपये प्रतिदिन खर्च किए जा रहे है जबकि प्लांट की क्षमता प्रति मिनट 1000 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन की है और इसका कंप्रेशर भी अपग्रेड हो चुका हैं. डा. शिवेंद्र प्रसाद सिन्हा, सिविल सर्जन, भौजपुर ने बताया कि कुछ टेक्निकल खामियों के कारण प्लांट बंद हैं. इसे चालू कराने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिखा गया हैं. सिलिंडर भंडार गृह में जल्द ही अग्निशमन यंत्र लगाया जाएगा.
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