न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
रोहित / पटना : आज राज्यभर के दवा विक्रेता हड़ताल पर हैं। द ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स मुंबई के आह्वान पर इस राष्ट्रव्यापी बंदी का ऐलान बिहार केमिस्ट्स एण्ड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने किया है। यह बंदी 19 मई की मध्य रात्रि से शुरू होकर आज रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगी।
एसोसिएशन का निर्णय
हालांकिं इस केमिस्ट हड़ताल में आज जन औषधि केंद्र खुले रहेंगे। देशभर में आज प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी केमिस्ट हड़ताल के बीच प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र एसोसिएशन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने घोषणा की है कि देशभर के जन औषधि केंद्र इस हड़ताल में शामिल नहीं होंगे। सामान्य दिनों की तरह जन औषधि केंद्र आज भी खुले रहेंगे। यह फैसला आम मरीजों को सस्ती दवाइयों की उपलब्धता कराने के उद्देश्य से लिया गया है।
ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म पर आरोप
बिहार केमिस्ट्स एण्ड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन की तरफ से कहा गया है कि एसोसिएशन हमेशा उपभोक्ताओं को सही समय पर और उचित मूल्य पर दवाएं देने के पक्षधर है। जबकि ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बिना किसी भौतिक सत्यापन के ही फर्जी पर्चों के सहारे दवाएं बांटी जा रही हैं।
40 हजार दुकानें रहेंगी बंद
बिहार केमिस्ट्स एण्ड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के अनुसार बिहार में करीब 40 हजार दवा दुकानें इस बंद में शामिल होंगी। इनमें अकेले पटना में लगभग 7 हजार मेडिकल स्टोर शामिल हैं। वहीं देशभर में करीब साढ़े 12 लाख दवा दुकानें बंद रहेंगी। एसोसिएशन का कहना है कि ऑनलाइन दवा कंपनियां भारी छूट देकर पारंपरिक दवा कारोबार को नुकसान पहुंचा रही हैं।
ऑनलाइन दवा बिक्री से बढ़ रहा खतरा
एक ही प्रिस्क्रिप्शन का बार-बार इस्तेमाल, फर्जी पर्चियों पर दवाओं की बिक्री और एंटीबायोटिक व नारकोटिक दवाओं की आसान उपलब्धता गंभीर चिंता का विषय है। केमिस्ट संगठनों ने आरोप लगाया है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को नियमों में छूट मिलने से मनमानी बढ़ रही है और इससे नकली या गलत तरीके से स्टोर की गई दवाओं का खतरा भी बढ़ा है। एसोसिएशन ने दावा किया कि अब एआई से तैयार फर्जी प्रिस्क्रिप्शन पर भी आसानी से दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर खतरा बढ़ सकता है।