न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
राजू राज / दानापुर : पटना के दानापुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-1 स्थित दाउदपुर रघुनाथ टोला राजकीय मध्य विद्यालय में मिड-डे मील (एमडीएम) की गुणवत्ता को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। शुक्रवार को विद्यालय में बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन के चावल में कीड़े मिलने के बाद हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलते ही बच्चों ने भोजन करने से इनकार कर दिया और विद्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जाता है कि भोजन तैयार करने के दौरान रसोइयों ने चावल में बड़ी संख्या में सफेद रंग के कीड़े देखे। रसोइयों ने कीड़ायुक्त चावल से भोजन बनाने से मना कर दिया, लेकिन आरोप है कि विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य ने उसी चावल से भोजन तैयार करने का निर्देश दिया। इसके बाद रसोइयों ने इसकी शिकायत विद्यालय की सचिव से की। विद्यालय की सचिव ने मामले की जानकारी पूर्व वार्ड पार्षद गायत्री देवी को दी। सूचना मिलने पर गायत्री देवी विद्यालय पहुंचीं और चावल की जांच की।
उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय में पिछले करीब एक महीने से बच्चों को कीड़ायुक्त चावल से बना भोजन परोसा जा रहा था। बच्चों ने भी बताया कि कई दिनों से इसी चावल से भोजन तैयार कर उन्हें दिया जा रहा था, जबकि चावल में कीड़े साफ दिखाई दे रहे थे। पूर्व वार्ड पार्षद गायत्री देवी ने पूरे मामले की लिखित शिकायत दानापुर के एसडीएम अनिरुद्ध पांडेय को सौंपते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि गोदाम से खराब गुणवत्ता का चावल मिला था तो उसे तत्काल बदलवाना चाहिए था, लेकिन विद्यालय प्रशासन ने ऐसा नहीं किया और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ लापरवाही बरती गई।
वहीं विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य नंद लाल चौधरी ने बताया कि विद्यालय को गोदाम से ही कीड़ायुक्त चावल प्राप्त हुआ था और उसी चावल से मिड-डे मील तैयार किया गया। इधर स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन इस तरह की लापरवाही से बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। लोगों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त व्यवस्था की मांग की है।मामले पर दानापुर के एसडीएम अनिरुद्ध पांडेय ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) को निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।