न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार की सियासत में हुए बड़े बदलाव के बाद अब उम्मीदों का दौर शुरू हो गया है। सूबे की कमान संभालने वाले नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जहां चारों तरफ से बधाइयां मिल रही हैं, वहीं भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज कलाकार खेसारी लाल यादव ने भी उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। बुधवार की रात अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए खेसारी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए यह भरोसा जताया कि उनके नेतृत्व में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। हालांकि, बधाई के साथ-साथ खेसारी ने जनता की नब्ज टटोलते हुए सीएम के सामने कुछ गंभीर सुझाव और मांगें भी रखी हैं।
खेसारी ने उठाए बिहार के ज्वलंत मुद्दे
खेसारी लाल यादव ने अपने पोस्ट में उन मुद्दों को छुआ है जो लंबे समय से बिहार की जनता के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का ध्यान सात प्रमुख बिंदुओं की ओर खींचा है:
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राज्य में तेजी से फैल रहे सूखे नशे को उन्होंने एक खतरनाक वायरस बताया और इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
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परीक्षा में होने वाली धांधली को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने और कोचिंग संस्थानों की निगरानी के लिए एक कमेटी गठित करने का सुझाव दिया।
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प्रदेश के हजारों कोचिंग संस्थानों की मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष कमेटी बनाने का सुझाव दिया है।
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बिहार से बाहर जाने वाले मजदूरों की समस्या का स्थायी समाधान और राज्य में इको, स्पिरिचुअल और फूड टूरिज्म को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने की मांग की।
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खेसारी ने केंद्र सरकार से पैरवी कर भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराकर संवैधानिक दर्जा दिलाने की भी मांग की है।
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प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी पर लगाम लगाने और स्वास्थ्य बीमा को लेकर सख्त नियम बनाने का अनुरोध किया।
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बिहार में फूड, स्पिरिचुअल और ईको टूरिज्म को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का आग्रह किया।
क्या नई सरकार पूरा कर पाएगी भोजपुरी स्टार का सपना?
खेसारी लाल यादव की इन मांगों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या बीजेपी और सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली यह सरकार इन पेचीदा समस्याओं का हल निकाल पाएगी? गौर करने वाली बात यह है कि पेपर लीक और पलायन जैसे मुद्दे बिहार में दशकों से नासूर बने हुए हैं। हालांकि एनडीए सरकार लगातार रोजगार और सुशासन का दावा कर रही है, लेकिन खेसारी की ओर से उठाए गए 'सूखे नशे' और 'भोजपुरी के संवैधानिक दर्जे' जैसे मुद्दों पर सरकार का रुख क्या होगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।