न्यूज 11 भारत/पटना डेस्क: कैमूर जिले में लगातार हो रही बारिश के बाद पहाड़ी क्षेत्रों की नदियों और जलप्रपातों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया हैं. जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों करकटगढ़, तेल्हारकुंड और बंशी खोह में पानी का बहाव तेज होने से सुरक्षा को लेकर वन विभाग अलर्ट मोड पर है. इन स्थानों पर बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं. ऐसे में अचानक बढ़े जलस्तर को देखते हुए विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
कैमूर की पहाड़ियों में लगातार बारिश होने के कारण पहाड़ी नदियों में पानी का बहाव तेज हो गया है. इसका सीधा असर जलप्रपात और नदी किनारे स्थित पर्यटन स्थलों पर देखने को मिल रहा है. करकटगढ़ में भी जलस्तर बढ़ने के साथ पानी का बहाव काफी तेज हो गया है. ऐसे में यहां घूमने आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग द्वारा विशेष निगरानी की जा रही है.
डीएफओ संजीव रंजन ने सैलानियों से अपील करते हुए कहा है कि पहाड़ी नदियों और जलप्रपातों में अचानक पानी बढ़ने की स्थिति लगातार जारी है. इसलिए लोग किसी भी परिस्थिति में नदी के तेज बहाव के करीब न जाएं और सुरक्षा व्यवस्था का पालन करें. उन्होंने लोगों से नदियों के किनारे जाने और पानी में उतरकर नहाने से पूरी तरह बचने की अपील की है.
करकटगढ़ में वन विभाग के वालेंटियर तैनात
डीएफओ संजीव रंजन ने बताया कि सैलानियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए करकटगढ़ में वन विभाग के वालेंटियरों को तैनात किया गया है. वालेंटियर मौके पर पहुंचने वाले पर्यटकों को नदी और जलप्रपात के बढ़े जलस्तर के बारे में जानकारी दे रहे हैं तथा उन्हें खतरनाक स्थानों से दूर रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं. इसके साथ ही नदी के किनारे और पानी के तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से लोगों को रोका जा रहा है.
वन विभाग की ओर से सैलानियों को लगातार समझाया जा रहा है कि बारिश के मौसम में पहाड़ी नदियों का जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है.पहाड़ी क्षेत्र में ऊपर बारिश होने के बाद नीचे स्थित नदी और जलप्रपात में कुछ ही समय में तेज पानी आ सकता है.ऐसी स्थिति में नदी के किनारे खड़ा होना या पानी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है,
पर्यटन के साथ सुरक्षा भी जरूरी
कैमूर की प्राकृतिक खूबसूरती और पहाड़ी जलप्रपात बरसात के मौसम में लोगों के आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं.करकटगढ़, तेल्हारकुंड, करमचट डैम और बंशी खोह में बारिश के बाद प्राकृतिक नजारा देखने के लिए सैलानी पहुंचते हैं,लेकिन इस दौरान बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए वन विभाग ने लोगों से पर्यटन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है,
विभाग का कहना है कि सैलानी निर्धारित सुरक्षित स्थानों से ही प्राकृतिक नजारों का आनंद लें और किसी भी हालत में नदी अथवा तेज बहाव वाले पानी में न उतरें.सुरक्षा कर्मियों और वालेंटियरों द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करने से हादसों को रोका जा सकता है,
फिलहाल पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़े जलस्तर को देखते हुए वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है,सैलानियों से भी अपील की गई है कि वे रोमांच और मनोरंजन के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें तथा प्रशासन और वन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।