न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
शादाब अख्तर / मधुबनी: नेपाल के सुनसरी जिले में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद तनाव अब सीमावर्ती जिलों तक फैल गया है। स्थिति को देखते हुए नेपाल के सिरहा, मिर्चैया (यदि स्थानीय प्रशासन द्वारा लागू क्षेत्र), जनकपुर, गोलबाजार तथा आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने सिरहा जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाने का निर्देश जारी किया है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सुनसरी की घटना के विरोध में विभिन्न हिंदू संगठनों ने सिरहा, जनकपुर, गोलबाजार सहित कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग की। प्रदर्शन के कारण कई बाजार बंद रहे और आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं।
यातायात भी कई स्थानों पर बाधित रहा। हालात को देखते हुए नेपाली पुलिस और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। बताया जाता है कि विवाद की शुरुआत बीते रविवार देर रात सुनसरी जिले के देवगंज ग्राम पंचायत के कप्तानगंज क्षेत्र में हुई। यहां 'बोलबम' यात्रा के जुलूस में डीजे और लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई। धार्मिक झंडे लगाने और ध्वनि प्रदूषण को लेकर शुरू हुई कहासुनी जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच पथराव और मारपीट हुई। पुलिस के हस्तक्षेप के दौरान एक युवक की मौत के बाद तनाव अन्य जिलों तक फैल गया।
नेपाल में जारी तनाव का असर भारत-नेपाल सीमा से लगे बिहार के बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। नेपाली ग्राहकों के भारतीय बाजारों में नहीं पहुंचने से व्यापार प्रभावित हुआ है और कई बाजारों में सन्नाटे जैसी स्थिति बनी हुई है। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट हरिनारायण जाट ने बताया कि नेपाल के घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। सीमा पर हाई अलर्ट घोषित है तथा एसएसबी के जवान चौबीसों घंटे निगरानी और गश्त कर रहे हैं।