न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : राज्य के गरीब तबके के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बड़ा ऐलान किया है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जो मरीज लंबे समय से ऑपरेशन का इंतजार कर रहे हैं उनके लिए उन्होंने विभाग को निर्देश दिया है कि राज्य के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में लंबित ऑपरेशन आइजीआइएमएस, एम्स और मेदान्ता में होंगे।
मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज देना लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री ने बुधवार को विभागीय सभागार में मैराथन बैठक की। इस मौके पर पटना के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना होना चाहिए। उन्होंने सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आए किसी भी मरीज को लौटने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि जनता को सरकार की व्यवस्था का लाभ मिलना चाहिए। बिहार के लोगों को बीमारियों मुक्त कराना विभाग की जिम्मेदारी है।
ऐक्शन मोड में स्वास्थ्य मंत्री
बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद से निशांत कुमार अपने विभाग के कार्यकलाप और अस्पतालों में मरीजों के इलाज की व्यवस्था को लेकर ऐक्शन मोड में हैं। उन्होंने राज्य के कई अस्पतालों में व्यवस्था और सुविधाओं का जायजा लिया। निशांत कुमार ने सरकारी अस्पतालों से रेफर कर देने की परंपरा को खत्म करने का ऐलान किया है। इसके लिए प्रखंड स्तर पर संचालित पीएचजी और सीएचसी में आईसीयू की सुविधा बहाल करने का निर्देश दिया। यह भी तय कर दिया गया है कि किसी मरीज को हायर सेंटर रेफर करने के लिए ठोस और वाजिब कारण भी बताना होगा।