न्य़ूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के गोपाल और पश्चिम चंपारण को जोड़ने वाले जादोपुर-मंगलपुर महासेतु में तकनीकी खामी सामने आने के बाद प्रशासन ने भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी। गंडक नदी पर बने इस महत्वपूर्ण पुल के स्पैन में 7 से 9 इंच तक का गैप मिलने के बाद एहतियातन यह फैसला लिया गया।
पुल के दोनों ओर बैरेकेडिंग
पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है और बड़े वाहनों को दूसरे रास्ते से भेजा जा रहा है। इसका सीधा असर परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है। अब पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण और बगहा की ओर जाने वाले भारी वाहनों को डुमरिया घाट पुल होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे करीब 120 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
साल 2015-16 में हुआ था उद्घाटन
करीब 550 करोड़ रुपये की लागत से बने इस महासेतु का उद्घाटन साल 2015-16 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। इस पुल के निर्माण से गोपालगंज और पश्चिम चंपारण के दियारा क्षेत्रों के सैकड़ों गांवों को बड़ी राहत मिली थी और आवागमन काफी आसान हो गया था, लेकिन उद्घाटन के दस साल पूरे होने से पहले ही पुल में तकनीकी खामी सामने आने से इसकी गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर सवाल उठने लगे हैं।
पुल के स्पैन में आया गैप
पुल में दरार जैसी स्थिति की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पुल के स्पैन में गैप आया है, जिसके कारण सुरक्षा को देखते हुए भारी वाहनों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से रोक दी गई। अब विशेषज्ञों की टीम पुल की तकनीकी जांच करेगी और मरम्मत की योजना तैयार करेगी।