धीरज कुमार सिंह/न्यूज11 भारत
जमुई/डेस्क: जमुई रेलवे स्टेशन पर मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब जसीडीह–पटना मेमू एक्सप्रेस से चार नाबालिग बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया बच्चों के अकेले और घबराए हुए हालात को देखते हुए जमुई रेलवे जीआरपी ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और बाद में परिजनों को सौंप दिया.
जानकारी के अनुसार, जमुई रेलवे जीआरपी थाना की एसआई मनोज कुमार, महिला सिपाही प्रेरणा कुमारी और जुली कुमारी की स्कॉट टीम नियमित जांच अभियान के तहत ट्रेन की तलाशी ले रही थी इसी दौरान चार बच्चे बिना किसी अभिभावक के मिले, जिनकी स्थिति असामान्य प्रतीत हो रही थी पूछताछ करने पर बच्चों ने बताया कि वे झारखंड के गोड्डा जिले स्थित सरस्वती शिशु मंदिर आवासीय विद्यालय, पुरियाहाट के छात्र हैं और पिछले दो वर्षों से वहां आवासीय रूप से पढ़ाई कर रहे हैं.
बच्चों की पहचान आलोक कुमार (12 वर्ष, पिता रवि यादव), संतोष शाह (10 वर्ष, पिता संतोष शाह), अनूप साह (10 वर्ष, पिता अशोक शाही) सहित चार छात्रों के रूप में हुई बच्चों ने बताया कि वे हर महीने ₹2000 हॉस्टल शुल्क देते हैं मंगलवार सुबह करीब 8 बजे वे स्कूल छोड़कर पुरियाहाट से जसीडीह होते हुए जमुई तक पहुंच गए.
पूछताछ के दौरान बच्चों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में उनसे नाली सफाई और स्कूल की सफाई करवाई जाती थी साथ ही उन पर चोरी का झूठा आरोप लगाकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था बच्चों का कहना था कि जमीन पर गिरे ₹500 उन्हें मिले थे, जिसे उन्होंने स्कूल के एक शिक्षक को सौंप दिया था, इसके बावजूद उन्हें चोर कहकर मारपीट की गई.
वहीं विद्यालय संचालक लालदेव यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चों ने चोरी की थी और उसी डर से वे स्कूल से भाग गए.
मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी थाना अध्यक्ष मनोज कुमार देव ने तत्काल बच्चों के परिजनों से संपर्क किया सभी आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चारों बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया.
जीआरपी की इस मानवीय कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है थाना अध्यक्ष ने बताया कि बच्चों को जसीडीह–पटना मेमू ट्रेन से बरामद किया गया था और बुधवार सुबह परिजनों को सौंप दिया गया.
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