न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
सागर शुक्ला / पश्चिमी चंपारण - विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन विभाग ने वाल्मीकिनगर के भेडिहारी रोहुआ टोला में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में वन विभाग के आला अधिकारियों के साथ वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद और एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट अपूर्व मिश्रा भी शामिल हुए।
विधायक सुरेंद्र प्रसाद ने कहा:
पर्यावरण बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व हमारी धरोहर है। हर व्यक्ति एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल का संकल्प ले।
कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, सुरक्षाबलों और स्थानीय ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण किया। अधिकारियों ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत भी पौधे लगाए और लोगों को पर्यावरण के प्रति
सुरेंद्र प्रसाद, विधायक वाल्मीकिनगर
विकास के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन जरूरी है। रिजर्व क्षेत्र के आसपास हरियाली बढ़ाने के लिए वन विभाग का यह प्रयास सराहनीय है।
डीएम तरनजोत सिंह ने किया पौधारोपण, बोले- "आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा देना हम सबकी जिम्मेदारी"
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए। समाहरणालय परिसर में जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने जामुन का पौधा लगाकर जिलेवासियों को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।
अधिकारियों और आमजन ने की सहभागिता
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा समेत अन्य अधिकारियों ने जामुन, आंवला, महोगनी और अर्जुन के पौधे लगाए। जन सुनवाई में आए चनपटिया प्रखंड के टिकुलिया चौक निवासी अनिरुद्ध साह ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
हस्ताक्षर अभियान और 'एक पेड़ मां के नाम -
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान 1 से 5 जून के तहत आयोजित जागरूकता हस्ताक्षर अभियान में डीएम सहित सभी अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर स्वच्छ और हरित पर्यावरण का संकल्प लिया। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत भी पौधे लगाए गए। समाहरणालय के साथ-साथ आईटीआई परिसर, बेतिया में भी पौधारोपण किया गया।
डीएम तरनजोत सिंह ने कहा -
"विश्व पर्यावरण दिवस केवल आयोजन नहीं, प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को याद दिलाने का अवसर है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक है। हर व्यक्ति अपने जीवन में कम-से-कम एक पौधा लगाए और उसके संरक्षण का संकल्प ले। पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाकर ही हम आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और सुरक्षित प्राकृतिक संसाधन दे सकते हैं।"
कार्यक्रम में निदेशक डीआरडीए अरुण प्रकाश, विशेष कार्य पदाधिकारी जिला गोपनीय शाखा सुजीत कुमार, एनईपी पुरुषोत्तम त्रिवेदी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे ।
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