न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार में पुलों के गिरने, धंसने की घटनाओं पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने कहा है कि सड़कों और पुलों के निर्माण की गुणवत्ता तथा उनके रख-रखाव में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता को सुरक्षित, सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की और इस दौरान पदाधिकारियों को कई निर्देश दिये।
गुणवत्ता के साथ सड़कों-पूलों के निर्माण पर जोर
उन्होंने कहा कि सड़कों और पुलों के निर्माण तथा अनुरक्षण कार्यों के लिए आवश्यक राशि की उपलब्धता तथा प्रबंधन बेहतर ढंग से करें, ताकि सभी परियोजनाएं तय समय और गुणवत्ता के साथ पूरी की जा सकें। राज्य के सभी पुलों का विशेषज्ञों से नियमित निरीक्षण तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा ऑडिट भी सुनिश्चित कराएं। सीएम ने आगे कहा कि मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ का निर्माण समय से आगे बढ़ाएं।
इन परियोजनाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने मुंगेर (सफियाबाद) बरियारपुर -सुल्तानगंज-भागलपुर- सबौर फोरलेन गंगा पथ परियोजना की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि हाइब्रिड एन्यूटी मोड के तहत इस परियोजना पर काम करें। इस परियोजना के कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से आगे बढ़ाएं, ताकि पूर्वी बिहार की संपर्कता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। परियोजना से क्षेत्र के आर्थिक एवं पर्यटन विकास को गति मिलेगी। बैठक में पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह, बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
सड़कों और पूलों पर सीएम ने खुद लिया संज्ञान
भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के गिरने की घटना से पूरे बिहार की जनता को इसका खामियाजा झेलना पड़ रहा है। इस घटना से राज्य और सरकार दोनों की बदनामी भी खूब हुई। इससे पहले अगुआनी घाट पर निर्माणाधीन ब्रिज ध्वस्त हो गया। पिछले साल राज्य में पुल पुलिया के धंसने-टूटने के कई मामले सामने आए। राज्य के विभिन्न जिलों में सैकड़ों करोड़ की लागत से बने पुल उद्घाटन से पहले ही टूट गए या बेकार हो गए। ऐसे हालातों में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुल और सड़कों के निर्माण पर खुद संज्ञान लेकर अफसरों को तत्पर रहने का निर्देश दिया है।