आज 76वें वर्ष के हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बख्तियारपुर से सत्ता के शिखर तक का प्रेरक सफर

आज 76वें वर्ष के हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बख्तियारपुर से सत्ता के शिखर तक का प्रेरक सफर

आज 76वें वर्ष के हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बख्तियारपुर से सत्ता के शिखर तक का प्रेरक सफर

न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क:
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज रविवार को अपने जीवन के 76वें वर्ष में प्रवेश करेंगे. उनका जन्म 1 मार्च 1951 को पटना जिले के बख्तियारपुर में हुआ था. उनके जन्मदिन के अवसर पर राजधानी और राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री के जन्मदिन के मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है. ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री के सरकारी आवास, दो पोलो रोड में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा. दोपहर 12 बजे, विधानसभा के सामने स्थित सप्तमूर्ति गोलंबर से लव-कुश सेवा मिशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाकर कल्याण बिगहा के लिए रवाना किया जाएगा.

शाम 6 बजे रवीन्द्र भवन में मुख्यमंत्री के प्रेरणादायी जीवन, संघर्ष और जनसेवा को समर्पित कॉफी टेबल बुक ‘मीर-ए-कारवां’ का विमोचन समारोह होगा. यह कार्यक्रम नवरस स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स और नीतीश विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है. समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति प्रस्तावित है.

बख्तियारपुर से नई दिल्ली तक का राजनीतिक सफर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जीवन सादगी, संघर्ष और जनसेवा की मिसाल माना जाता है. बख्तियारपुर के छोटे कस्बे से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई. उनके पिता कविराज रामलखन सिंह स्वतंत्रता सेनानी थे. प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद नीतीश कुमार ने पटना कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (वर्तमान NIT पटना) से विद्युत अभियंत्रण की पढ़ाई की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक नौकरी भी की, लेकिन समाज में बदलाव की चाह ने उन्हें राजनीति की ओर मोड़ दिया.

छात्र राजनीति से राष्ट्रीय पहचान तक
1970 के दशक में नीतीश कुमार ने छात्र आंदोलन के जरिए राजनीति में कदम रखा. वे जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन से जुड़े और यहीं से उनके राजनीतिक जीवन की नींव पड़ी. 1980 और 90 के दशक में वे समाजवादी राजनीति के प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे. नीतीश कुमार कई बार लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे. केंद्र सरकार में उन्होंने रेल मंत्री और कृषि मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली. रेल मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को संरचनात्मक सुधारों और प्रशासनिक दक्षता के लिए याद किया जाता है.


कई दिग्गजों ने दी बधाई

यह भी पढ़े: पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने NSUI की जीत पर दी बधाई
 

संबंधित सामग्री

अहिल्यापुर थाना क्षेत्र से लापता नाबालिग बरामद, पटना से लाई गई वापस

झारखंड

अहिल्यापुर थाना क्षेत्र से लापता नाबालिग बरामद, पटना से लाई गई वापस

चंपाई सोरेन के पैतृक गांव जिलिंगगोड़ा पहुंचे रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, वीर सोरेन को अर्पित की श्रद्धांजलि

झारखंड

चंपाई सोरेन के पैतृक गांव जिलिंगगोड़ा पहुंचे रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, वीर सोरेन को अर्पित की श्रद्धांजलि

नीतीश कुमार के नेतृत्व ने बिहार को जंगलराज से मुक्त कर विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ाया: अमित शाह 

राजनीति

नीतीश कुमार के नेतृत्व ने बिहार को जंगलराज से मुक्त कर विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ाया: अमित शाह 

गोमिया में पेड़ पर फंदे से झूलता पाया गया प्रेमी-प्रेमिका का शव, परिवार शादी को नहीं थे तैयार

झारखंड

गोमिया में पेड़ पर फंदे से झूलता पाया गया प्रेमी-प्रेमिका का शव, परिवार शादी को नहीं थे तैयार

सिमडेगा में अलग अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई. दो अन्य लोग हुए घायल

झारखंड

सिमडेगा में अलग अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई. दो अन्य लोग हुए घायल