न्यूज 11 भारत/पटना डेस्क: पटना में एक महिला टीचर का शव उनके बेडरूम में खून से लथपथ मिला। वारदात मसौढ़ी थाना क्षेत्र के कैलू बीघा की है। मृतका की पहचान 45 साल की लक्ष्मी देवी के रूप में हुई है। वो पोठही मध्य विद्यालय में शिक्षिका थीं, जो साल 2005 में प्रखंड शिक्षामित्र से शिक्षिका के पद पर बहाल हुई थी। कैलू बीघा में महिला अकेले ही रहती थी।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया है। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि हत्या करने वाला व्यक्ति महिला का परिचित हो सकता है। दरअसल, महिला के घर से चाय पिए हुए दो कप, एक प्लेट में दो चम्मच और पनीर की सब्जी के अंश मिले हैं। जिससे करीबी के शामिल होने का शक गहरा हो रहा है।
पुलिस की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि लक्ष्मी देवी के घर में आखिरी बार कौन आया था और हत्या के बाद वह किस रास्ते से फरार हुआ। हालांकि, हत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
पति इंजीनियर, पत्नी टीचर थीं
कैलूचक निवासी ज्ञानचंद चौधरी गया के टेकारी में ग्रामीण कार्य विभाग में सहायक अभियंता हैं। उनकी पत्नी लक्ष्मी कुमारी पुनपुन प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सहवाजपुर में सहायक शिक्षिका थीं। लक्ष्मी देवी के पति ज्ञानचंद चौधरी ने बताया, ‘मंगलवार रात करीब 9:45 बजे उनकी पत्नी से फोन पर बातचीत हुई थी। बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे उन्होंने दोबारा फोन किया, लेकिन कई बार कॉल करने के बावजूद पत्नी ने फोन नहीं उठाया।’
इसके बाद उन्होंने स्कूल के शिक्षक बृजेश कुमार से बात कर लक्ष्मी देवी के बारे में जानकारी ली। शिक्षक ने बताया कि वह बुधवार को विद्यालय नहीं आई थीं।
बेटा पहुंचा तो शव मिला
इसके बाद ज्ञानचंद ने अपने बेटे गौरव कुमार, जो अपने नानी घर प्रेम रोड मसौढ़ी में था, उसे फोन कर बताया कि उनकी मां फोन नहीं उठा रही है, घर जाकर पता करो क्या हाल-चाल है।
घर पहुंचने के बाद बेटे ने बार-बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन इसके बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। उसने बगल के बरामदे से खिड़की तोड़कर देखा तो उनकी मां बेड पर खून से लथपथ पड़ी थी।
घर में मिले दो चम्मच और दो चाय के कप
घटना की जांच के दौरान पुलिस को घर के अंदर कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिनसे वारदात से पहले किसी व्यक्ति के लक्ष्मी देवी के साथ मौजूद होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस को घर में एक टेबल पर जूठी प्लेट में दो चम्मच मिले हैं। किचन में चाय की 2 कप मिली है, जिससे लगता है कि दो लोगों ने चाय पी थी। एक कड़ाही में पनीर के दो टुकड़े भी मिले।
वहीं, टेबल पर रखी तीन पानी की बोतलों में से दो खाली थीं और एक भरी हुई थी। इन सभी सबूतों से पुलिस को लग रहा है कि लक्ष्मी देवी ने किसी परिचित के साथ खाना खाया था।
इन परिस्थितियों के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या से पहले लक्ष्मी देवी के घर कौन आया था और उनके साथ भोजन या चाय किसने पी थी।
मसौढ़ी SDPO राघव दयाल के मुताबिक, घर के अदंर जाने के लिए चार दरवाजा बनाए गए हैं। इनमें एक मुख्य गेट, दूसरा गली की ओर से खुलता है, जबकि तीसरा दरवाजा गैराज की तरफ खुलता है और चौथा दरवाजा गैराज से थोड़ा आगे की ओर है।
जांच में तीन दरवाजे अंदर से लॉक पाए गए। पुलिस का यह मानना है कि जो एक दरवाजा अंदर से लॉक नहीं था, हत्या करने वाला व्यक्ति घटना को अंजाम देने के बाद वहीं से निकाल कर फरार हो गया।