न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क (अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास): रोहतास जिले के बघैला थाना क्षेत्र के सियावक गांव में लगभग 9 वर्ष पहले एक युवक की हत्या के जघन्य अपराध में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार प्रधान की अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुनाते हुए दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में कोर्ट ने दोषी पर दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है तथा एक अभियुक्त को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।
साल 2017 का है मामला
घटना के संदर्भ में बताया जाता है कि लगभग नौ वर्ष पहले दो सितंबर 2017 को सियावक गांव निवासी वशिष्ठ सिंह ने अपने भतीजे अमित कुमार को मछली खिलाने के बहाने अपने घर बुलाया और उसकी निर्मम हत्या कर शव को गांव के बधार में फेंक दिया। अगले दिन खोजबीन के दौरान जब गांव के बधार से युवक का शव बरामद हुआ तो मृतक के पिता संजय सिंह ने बघैला थाने में वशिष्ठ सिंह सहित चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
एक अभियुक्त बरी
लोक अभियोजक लक्ष्मण सिंह ने बताया कि मामले में दो अभियुक्तों के विरुद्ध ट्रायल चला और अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात लोगों की गवाही न्यायालय में दर्ज कराई गई। अदालत ने घटना के मुख्य अभियुक्त वशिष्ठ सिंह को जघन्य अपराध का दोषी पाते हुए दस हजार रुपए जुर्माना के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई है तथा दूसरे अभियुक्त संतोष सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।