न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: सड़कों पर कान बहरे कर देने वाले प्रेशर और मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न बजाने वालों के खिलाफ बिहार सरकार ने आर-पार की जंग छेड़ दी है। परिवहन विभाग अब ऐसे वाहन चालकों को बख्शने के मूड में बिल्कुल नहीं है। नए फरमान के तहत न सिर्फ सड़कों पर दौड़ती तेज आवाज वाली गाड़ियों पर शिकंजा कसा जाएगा, बल्कि इन प्रतिबंधित हॉर्नों की सप्लाई करने वाले दुकानदारों और शोरूम मालिकों पर भी कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
दुकानों और शोरूमों में घुसकर ज़ब्त किए जाएंगे प्रतिबंधित हॉर्न
परिवहन सचिव राज कुमार के कड़े रुख के बाद पूरे सूबे में एक साथ विशेष चेकिंग ड्राइव चलाने का ब्लू प्रिंट तैयार हो चुका है। इस मुहिम की सबसे खास बात यह है कि पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें उन बाजारों और दुकानों पर सीधे छापेमारी करेंगी, जहां इन अवैध हॉर्नों की धड़ल्ले से बिक्री होती है। मौके पर मिलते ही इन हॉर्नों को जब्त कर लिया जाएगा और दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी ताकि रूट लेवल से ही इसकी बिक्री रोकी जा सके।
स्कूली बस से लेकर सरकारी गाड़ियों तक सबकी होगी सघन जांच
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190 (2) के तहत तय मानकों से अधिक तेज आवाज वाले हॉर्न का उपयोग करना एक गंभीर कानूनी अपराध है। राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने सभी जिला परिवहन अधिकारियों (DTO) को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि इस बार जांच के दायरे से कोई नहीं बचेगा। आम गाड़ियों के अलावा स्कूली बसों की भी बारीकी से चेकिंग होगी। इतना ही नहीं, नगर निगमों को भी अल्टीमेटम दिया गया है कि कचरा उठाने वाले वाहनों समेत उनकी किसी भी सरकारी गाड़ी में प्रेशर हॉर्न नहीं होना चाहिए।
फ्लाइंग स्क्वाड संभालेगा मोर्चा, गलती मिलने पर लगेगा तगड़ा जुर्माना
अवैध हॉर्नों के इस काले कारोबार को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए जिला प्रशासनों को विशेष फ्लाइंग स्क्वाड (धावा दल) गठित करने को कहा गया है। यह दस्ता औचक निरीक्षण कर ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई करेगा। कानून का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों को भारी-भरकम जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।
सड़क सुरक्षा और शांति के लिए परिवहन सचिव की खास अपील
परिवहन विभाग के मुताबिक, ये तेज आवाज वाले हॉर्न न केवल ध्वनि प्रदूषण को चरम पर पहुंचाते हैं, बल्कि सड़कों पर अचानक बजने से राहगीरों और दूसरे चालकों को डरा देते हैं, जिससे जानलेवा सड़क हादसों का खतरा काफी बढ़ जाता है। विशेषकर साइलेंस ज़ोन जैसे अस्पतालों, स्कूलों और रिहायशी इलाकों में मरीज, बुजुर्ग और बच्चे इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। परिवहन सचिव ने सभी नागरिकों और चालकों से अपील की है कि वे सभ्य समाज का परिचय दें और अपनी गाड़ियों से तत्काल ऐसे हॉर्न हटाकर शांतिपूर्ण सफर में सहयोग करें।