न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
Bihar Competitive Exam one Attempt rule : बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। जारी आदेश के अनुसार अब कोई भी सरकारी कर्मचारी अपनी पूरी सेवा अवधि में केवल एक बार ही किसी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो सकेगा। इस फैसले को तुरंत लागू कर दिया गया है, जिससे कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
Highlights -
- बिहार सरकार का बड़ा फैसला, कर्मचारियों के लिए ‘वन चांस’ नियम लागू
- पूरी सेवा अवधि में सिर्फ एक बार ही दे सकेंगे प्रतियोगी परीक्षा
- दूसरी बार परीक्षा देने के लिए देना होगा इस्तीफा
- आदेश तत्काल प्रभाव से लागू, विभाग ने जारी किया निर्देश
- कर्मचारियों में फैसले को लेकर असंतोष की आशंका
एक से ज्यादा परीक्षा देने पर छोड़नी होगी नौकरी
नए नियम के मुताबिक अगर कोई कर्मचारी एक से अधिक बार प्रतियोगी परीक्षा में बैठना चाहता है, तो उसे पहले अपनी मौजूदा सरकारी नौकरी से इस्तीफा देना होगा। यानी अब नौकरी करते हुए बार-बार परीक्षा देने की सुविधा खत्म कर दी गई है। यह कदम कर्मचारियों के करियर विकल्पों को सीमित करने वाला माना जा रहा है। विभाग का मानना है कि कई कर्मचारी बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए छुट्टियां लेते हैं, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित होता है। इस फैसले का उद्देश्य कर्मचारियों को अपने दायित्वों के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाना और प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनाए रखना है।
सरकार का बड़ा फैसला.
कर्मचारियों में असंतोष की आशंका
इस आदेश के बाद कर्मचारियों के बीच असंतोष देखने को मिल सकता है। कई कर्मचारी इसे अपने भविष्य के अवसरों पर रोक के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि एक ही मौका मिलना जोखिम भरा हो सकता है और इससे उनके करियर की संभावनाएं प्रभावित होंगी। फिलहाल सरकार ने इस आदेश को लागू कर दिया है और सभी संबंधित अधिकारियों को इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले समय में इस फैसले का असर सरकारी तंत्र में साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।
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