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रांची/डेस्क: रिम्स की सरकारी जमीन को अवैध तरीके से निजी बताकर बेचने के मामले में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई की हैं. झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर दर्ज प्राथमिकी के बाद यह कार्रवाई की गई हैं. एसीबी ने इस मामले में राजकिशोर बड़ाइक और चेतन समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं. सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया हैं. कोर्ट में पेशी के बाद सभी आरोपी कार्तिक बढ़ाईक, राज किशोर बढ़ाईक, चेतन कुमार और राजेश कुमार जा को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया.
जानकारी के मुताबिक, आरोपी जमीन कारोबार से जुड़े है और इनपर पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन बेचने का आरोप लगा हैं. बताया जा रहा है कि 1964-65 में अधिग्रहित कई एकड़ जमीन को फर्जी तरीके से निजी दिखाकर बेचा गया. इस जमीन पर अवैध रूप से अपार्टमेंट और भवन बना दिए गए थे. झारखंड हाईकोर्ट ने अधिकारियों, बिल्डरों और भू-माफियाओं की भूमिका की जांच का निर्देश था.हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले में राजस्व विभाग, रांची नगर निगम, निबंधन कार्यालय और RRDA के अधिकारियों की मिलीभगत की जांच के आदेश दिए थे. रिम्स की करीब 7 एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया गया था और कई फ्लैट भी बेच दिए गए थे. जब प्रशासन ने इन अवैध निर्माणों को तोड़ना शुरू किया, तब फ्लैट खरीदारों ने सवाल उठाया कि उनकी क्या गलती हैं. खंडपीठ ने खरीदारों की स्थिति को देखते हुए ACB को मामले की गहराई से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था.
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