आधा भारत नहीं जानता एक बल्लेबाज कितने तरीके से हो सकता है OUT, जानकार हो जाएंगे हैरान

By : Vaibhaw Vikram
आधा भारत नहीं जानता एक बल्लेबाज कितने तरीके से हो सकता है OUT, जानकार हो जाएंगे हैरान

न्यूज11 भारत

रांची/डेस्क: क्रिकेट भले ही इंग्लैंड का राष्ट्रीय खेल हो लेकिन भारत में लोग का यह लोकप्रिय खेल कई सदियों से बना हुआ है. भारत के गली गली में बच्चे क्रिकेट खेला करते हैं और बहुत ही प्यार से इस खेल को खेलते हुए अपने देश के खिलाड़ियों को देखा भी करते हैं. यहां के बच्चे के खून के कतरे कतरे में क्रिकेट है. वहीं क्रिकेट भारतीयों के लिए केवल एक खेल नहीं है. बल्कि एक इमोशन है. यदि भारतीय टीम दुर्भाग्य से किसी सीरीज में या विश्व कप जैसे बड़े मंचों पर हार जाती है तो, उदास  केवल खिलाड़ी नहीं होते हैं बल्कि पूरा हिंदुस्तान होता है. यही वजह से की क्रिकेट में भारतीय खिलाड़ी काफी शानदार करते हुए विश्व पटल पर भारत का परचम फहरा रहे हैं. टेस्ट हो, वनडे हो या फिर टी20 मैच हो. भारतीय टीम काफी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. मगर आधा भारत नहीं जानता है कि क्रिकेट में एक बल्लेबाज कितने प्रकार से आउट हो सकता है. अगर आप भी नहीं जान रहे हैं तो, चलिए हम आपको क्रिकेट के इन नियम के बारे में बताते हैं, जिसके तहत एक बल्लेबाज को अंपायर आउट करार दे सकता है.

इन 10 नियम से एक खिलाड़ी हो सकता है आउट

  1. बोल्ड: इस नियम से हम सभी भली भांति अवगत हैं कि यदि गेंदबाज के द्वारा फेंकी गई गेंद पिच पर टप्पा खाकर सीधे स्टंप्स से टकराती है और गिल्लियां विकेट से नीचे गिर जाती है तो बल्लेबाजी कर रहा खिलाड़ी आउट हो जाता है.
  2. कैच: इस नियम के तहत यदि खिलाड़ी गेंदबाज के द्वारा फेंकी गई गेंद को हवा में मारता और गेंद सीमा रेखा से पहले जमीन में ना गिरकर किसी फील्डर के हाथ में कैच के रूप में चली जाती है तो, बल्लेबाज कैच आउट हो जाता है. वहीं यदि गेंद कैच करते समय गलती से भी जमीन को स्पर्श कर जाती है तो बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जाएगा.  
  3. एलबीडब्ल्यू: यह भी आउट होने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है. यदि गेंदबाज के द्वारा फेंकी गई गेंद टप्पा खाकर बल्ले में बिना लगे बल्लेबाज के पैड या शरीर के किसी भी भाग को छूता है और अंपायर को यह प्रतीत होता है कि यह गेंद यदि बल्लेबाज के शरीर में नहीं लगती तो, यह सीधा विकेट को स्पर्श करती तो, ऐसी प्रस्थिति में अंपायर बल्लेबाज को आउट करार दे सकता है. 
  4. रन आउट:  गेंद पर शॉर्ट खेलने के बाद बल्लेबाज रन लेने के लिए क्रीज से बाहर निकलता है और फील्डर गेंद को पकड़कर सीधे स्टंप्स पर मार देता है या विकेटकीपर के पास फेंकता है. अगर गेंद से स्टंप्स गिरने के समय बल्लेबाज का बल्ला या पैर क्रीज के अंदर नहीं होता, तो वह रन आउट माना जाता है. रन आउट में गेंदबाज की भूमिका जरूरी नहीं होती, यह पूरी तरह फील्डिंग टीम का प्रयास होता है. नो-बॉल या वाइड पर भी बल्लेबाज रन आउट हो सकता है. रन आउट होने पर गेंदबाज को विकेट नहीं मिलता है. 
  5. स्टम्प आउट: बल्लेबाज शॉट खेलने के लिए क्रीज से बाहर आता है और गेंद उनके बल्ले से नहीं लगती और विकेटकीपर गेंद पकड़कर तुरंत स्टंप्स गिरा देता है ऐसी परिस्थिति में अंपायर बल्लेबाज को आउट करार दे सकता है. मगर इसमें में एक नियम लागू होता है. गेंद विकेट के पार से विकेटकीपर को पकड़ना होगा साथ ही बल्लेबाज का बैट या पैर या शरीर का कोई भी हिस्सा क्रीज को टच नहीं कारना चाहिए. साथ ही गेंद नो-बॉल ना हो. स्टम्प आउट सिर्फ विकेटकीपर ही कर सकता है. इसमें फील्डर या गेंदबाज स्टंप्स नहीं तोड़ सकता. आमतौर पर स्पिन गेंदबाजी के दौरान स्टंप आउट ज्यादा देखने को मिलता है.
  6. हिट विकेट: बल्लेबाज शॉट खेलते समय या गेंद खेलने के प्रयास में अपने बल्ले, शरीर या हेलमेट से स्टंप्स गिरा देता है तो ऐसी परिस्थिति में अंपायर उसे उत करार कर सकता है. वहीं रन लेने के लिए दौड़ते समय संतुलन बिगड़ने पर स्टंप्स से टकरा जाने पर भी यह नियम के तहत बल्लेबाज को आउट करार किया जा सकता है. बैंक सेविंग या फॉलो-थ्रू में बल्ला स्टंप्स से लग जाता है तो भी बल्लेबाज को आउट दिया जा सकता है. वहीं गेंद नो-बॉल हो, तो हिट विकेट नहीं माना जाएगा. 
  7. डबल हिट विकेट: यदि बल्लेबाज दो बार गेंद को जानबूझ कर मारता है तो ऐसी स्थिति में बल्लेबाज को अंपायर के तरफ से आउट दिया जा सकता है.
  8. फील्डिंग में बाधा डालना: बल्लेबाज के द्वारा खेल के दौरान जानबूझकर फील्डिंग टीम को परेशान करने या रोकने के जुर्म में बल्लेबाज को आउट करार दिया जा सकता है. यह काफी कम बार देखने को मिलता है. क्योंकि क्रिकेट एक जेन्टल मैन गेम है और काफी कम ही खिलाड़ी इस तरह के हरकत के वजह से आउट होते हुए नजर आते हैं.  
  9. टाइम आउट: इस तरह के आउट भी क्रिकेट में काफी कम बार देखने को मिलता है. मैच में एक खिलाड़ी के आउट होने के बाद जब दूसरा खिलाड़ी क्रीज पर आने में 3 मिनट से अधिक का समय लगता है. ऐसी स्थिति में विरोधी टीम आने वाले खिलाड़ी के खिलाफ में आउट की अपील कर सकता है और अंपायर उसे आउट भी करार दे सकता है.
  10. गेंद को हाथ से पकड़ना: इस तरह के आउट भी क्रिकेट इतिहास में काफी कम बार देखने को मिलते हैं. यदि कोई बल्लेबाज फील्डर की अनुमति के बिना गेंद को अपनी हाथों में ले लेता है तो, ऐसे में खिलाड़ी के खिलाफ में आउट की अपील की जा सकती है और उसे अंपायर के द्वारा आउट करार किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें: 20 साल बाद रेलवे ने अपने नियम में किया बदलाव, रिटायर होने पर अधिकारियों को नहीं दिए जाएंगे चांदी के सिक्के

संबंधित सामग्री

पलामू जिले के कैटेगरी-2 के 4 बालू घाटों की सफल नीलामी, राज्य सरकार को लगभग ₹26.59 करोड़ राजस्व की होगी प्राप्ति

पलामू जिले के कैटेगरी-2 के 4 बालू घाटों की सफल नीलामी, राज्य सरकार को लगभग ₹26.59 करोड़ राजस्व की होगी प्राप्ति

जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार ने नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी व्यवसायियों के प्रति जताया आभार

शिक्षक नियुक्ति में अंतिम चरण में पात्रता की शर्त बदलना गलत, योग्य अभ्यर्थियों को 4 सप्ताह में नियुक्ति का निर्देश

शिक्षक नियुक्ति में अंतिम चरण में पात्रता की शर्त बदलना गलत, योग्य अभ्यर्थियों को 4 सप्ताह में नियुक्ति का निर्देश

झारखंड हाईकोर्ट ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में इतिहास और नागरिक शास्त्र विषय के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है

झारखंड के काआंदोलनकारी ने 5 साल बाद जीती कानूनी लड़ाई, हाईकोर्ट के निर्देश पर गुमला डीसी ने किया सम्मानित

झारखंड के काआंदोलनकारी ने 5 साल बाद जीती कानूनी लड़ाई, हाईकोर्ट के निर्देश पर गुमला डीसी ने किया सम्मानित

आज मुझे झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश पर गुमला उपायुक्त के हाथों सम्मान मिला, जिससे मुझे बहुत अच्छा लगा - अनीकानंत प्यारेलाल ओहदार

निरंतर प्रयास, सीखने की इच्छा और व्यावहारिक अनुभव से आत्मविश्वास विकसित होता है - तनुश्री सेनगुप्ता

निरंतर प्रयास, सीखने की इच्छा और व्यावहारिक अनुभव से आत्मविश्वास विकसित होता है - तनुश्री सेनगुप्ता

विद्यार्थियों को अपनी रुचियों, क्षमताओं और व्यक्तिगत विशेषताओं को पहचानने व उनके अनुरूप करियर के विकल्प तलाशने की सलाह