न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के दौरान 131वें संशोधन बिल को पास नहीं कराया जा सका। महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) की शाम मतदान हुआ, जिसमें पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। आवश्यक समर्थन नहीं मिलने के कारण यह बिल पारित नहीं हो सका।
हाईलाइट्स -
- संसद के विशेष सत्र में 131वां संशोधन बिल पास नहीं हो सका
- महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े बिल पर वोटिंग में 298 समर्थन, 230 विरोध
- बीजेपी ने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों के विरोध का आरोप लगाया
- मैथिली ठाकुर और संजय सरावगी के तीखे बयान से सियासत गरमाई
विपक्ष पर साधा निशाना
बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने इस मुद्दे पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध करना देश की आधी आबादी के अधिकारों पर सीधा हमला है। उनके मुताबिक, जो दल और नेता नारी सम्मान की बात करते हैं, वही संसद में महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े नजर आए।
सामने आ गया विपक्ष का असली चेहरा- मैथिली
मैथिली ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, लेकिन विपक्ष लगातार ऐसे प्रयासों में बाधा डालता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब विपक्ष का असली चेहरा देश की महिलाओं के सामने आ चुका है और यह केवल सत्ता की राजनीति कर रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी इस दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी।
संजय सरावगी ने भी विपक्ष पर जमकर साधा निशाना
वहीं बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष प्रधानमंत्री के विरोध में इतना आगे बढ़ चुका है कि वह महिलाओं को मिल रहे अधिकारों का भी विरोध कर रहा है।
इसे भी पढ़ें - पटना जाना था, पहुंच गए दरभंगा के होटल… कमरे में मिली लाश, आत्महत्या या साजिश?