न्यूज़11 भारत
जमशेदपुर/डेस्क: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि वो रिम्स के निदेशक रहे डॉ. राजकुमार द्वारा स्वास्थ्य मंत्री को 8 जून को लिखे गए पत्र की जांच कराएं. जारी बयान में सरयू राय ने कहा कि डॉ. राजकुमार से सीआईडी ने लगातार 8 घंटे तक पूछताछ की. इसी से आहत होकर डॉ. राजकुमार ने त्यागपत्र दिया. इसके पूर्व उन्होंने 8 जून को एक पत्र स्वास्थ्य मंत्री को भेजा था. इस पत्र में उन्होंने 22 बिंदुओं के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा शासी परिषद को अंधेर में रख कर उन पर दुर्भावनाग्रस्त होकर कार्रवाई करने तथा लगातार उन्हें परेशान किये जाने की बात भी कही है.
सरयू राय ने कहा कि रिम्स निदेशक के इस पत्र में रिम्स के शासी निकाय के उपर तथा खुद डॉ राजकुमार के ऊपर कई मामलों में दबाव डाला गया. न्यायपालिका का आदेश होते हुए भी उन पर कार्रवाई करने की कोशिश की गई. उन्हें झूठे मामले में प्रताड़ित करने का प्रयास किया गया. यह पत्र रिम्स और स्वास्थ्य विभाग की अनियमित कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालता है. सरयू राय ने कहा कि डॉ. राजकुमार अनुसूचित वर्ग से आते हैं. इसके पूर्व इन्होंने इसी स्तर की अनेक जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया. उन्हें कई मौकों पर प्रशंसित-सम्मानित भी किया गया.
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि रिम्स में अब तक जितने भी अच्छे डायरेक्टर आए, किसी न किसी कारण से उन्हें बीच में ही रिम्स छोड़ना पड़ा. डॉ. राजकुमार न्यूरोलॉजी के योग्य चिकित्सक हैं. रिम्स में भी उन्होंने न्यूरो के कई गंभीर ऑपरेशन्स को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. ऐसी परिस्थिति में लगता है कि रिम्स के संचालन में सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है.
सरयू राय के अनुसार, अपने पत्र में डॉ. राजकुमार ने लिखा कि 16 अप्रैल 2025 को आयोजित शासी परिषद की 59वीं बैठक में विगत बैठक के ‘कुछ अवैध भुगतान’ नहीं करने के कारण उन पर दबाव बनाया गया और धमकाया भी गया. सरयू राय ने कहा कि ऐसी स्थिति रहेगी तो कोई भी योग्य से योग्य चिकित्सक रिम्स निदेशक के पद पर आकर रिम्स की कार्य संस्कृति को सुधार नहीं सकता है. स्पष्ट है कि रिम्स के कार्यो में सरकारी हस्तक्षेप सबसे बड़ा कारण है, जिससे रिम्स में अव्यवस्था फैल रही है.
यह भी पढ़ें- अवैध वसूली के रास्ते का रोड़ा बन रहे रिम्स निदेशक को इस्तीफा देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने किया मजबूर: रमाकांत महतो