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रांची/डेस्क: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झारखंड में पेपर लीक मामले में युवाओं, छात्रों के आंदोलन पर विपक्षी दलों के नेताओं की चुप्पी एवं राज्य सरकार की तानाशाही रवैए पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि यहां युवा वर्ग न्याय मांग रहा है और विपक्षी पार्टियां कुंभकर्णी निद्रा में सोई हुई है. छात्र, युवा बारिश के मौसम में भींगते हुए डटे हुए हैं. लेकिन हेमंत सरकार का प्रशासन इतना संवेदनहीन हो गया कि प्रदर्शन स्थल पर धूप और बारिश से बचने के लिए तिरपाल तक लगाने की अनुमति नहीं दी गई. यह झारखंड के युवाओं पर हेमंत सरकार का तानाशाही रवैया नहीं तो क्या है?
उन्होंने कहा कि इस मामले पर राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, हेमंत सोरेन सहित पूरा विपक्ष खामोशी की चादर ओढ़े हुए है. विडम्बना है कि इन नेताओं को अपनी खामोशी की चादर हटानी चाहिए, और ये बच्चों का तिरपाल हटा रहे हैं. दिल्ली मामले पर पूरा आसमान सर पर उठाने वाले राजनीति के ये ड्रामेबाज कहां मुंह छुपाये हुए हैं ? जब सत्ता अपनी, अपने सहयोगियों की हो, तो क्या छात्रों की आवाज़ दबा दी जाती है? देश इंडी गठबंधन का दोहरा रवैया देख रहा है. झारखंड का युवा इन दोहरे चरित्र वालों से जवाब मांग रहा है. राहुल गांधी और कांग्रेसियों को झारखंड के युवा, छात्र खोज रहे हैं. हेमंत सरकार इस बार युवाओं के इस आक्रोश की आग में ही जलकर भस्म हो जाएगी.
आदित्य साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री को बताना होगा कि आखिर क्यों झारखंड की सभी भर्ती परीक्षाएँ बार-बार विवादों में घिर जाती हैं? कितनी शर्मनाक बात है कि सॉल्वर सिंडिकेट का मास्टरमाइंड प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बन बैठा है. पूरा सिस्टम सवालों के घेरे में है. आखिर झारखंड के लाखों युवाओं के सपनों को कब तक रौंदा जाता रहेगा. हर भर्ती प्रक्रिया के बाद नए विवाद, पेपर लीक के आरोप, सॉल्वर सिंडिकेट, पारदर्शिता पर सवाल और राज्य की जांच एजेंसियों की कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति, क्या यही युवाओं का भविष्य तय करने का तरीका हो गया है? हेमंत सरकार झूठे दावों में व्यस्त है, जबकि झारखंड का युवा अपने भविष्य की लड़ाई लड़ने सड़कों पर उतरने को मजबूर है. JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार जितनी ताकत लगाएगी, छात्र आंदोलन उतना मजबूत होगा.
आदित्य साहू ने कहा कि JPSC-JSSC महाघोटाले के खिलाफ सड़कों पर रात-दिन डटे हमारे होनहार छात्र आज सूखा चावल खाकर भी आंदोलन करने को मजबूर हैं. परंतु राज्य सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है. एक तरफ सरकार की भ्रष्ट सिस्टम की वजह से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में धकेला गया है, तो दूसरी तरफ अपना हक मांग रहे छात्रों को सड़कों पर भूखे रहने के लिए छोड़ दिया गया है. इन आंदोलनरत छात्रों के लिए पीने के पानी, शौचालय तक की व्यवस्था नहीं किया जाना दुखद है. आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों के इस संघर्ष में भाजपा कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. छात्रों के पसीने और आंसुओं का पूरा हिसाब लिया जाएगा. इस महाभ्रष्ट और युवा-विरोधी हेमंत सरकार को उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है. JMM-कांग्रेस सरकार में JPSC और JSSC परीक्षाएं धांधली और पेपर लीक का पर्याय बन चुकी हैं. इसकी सीबीआई जांच आवश्यक है.
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